वजन कम करने की बात आते ही लोग महंगे डाइट प्लान, सप्लीमेंट्स और पसंदीदा खाना छोड़ने के बारे में सोचने लगते हैं लेकिन इंस्टाग्राम क्रिएटर साची पाई ने साबित किया कि अगर घर के खाने में ही बैलेंस रखा जाए और लगातार उसी रूटीन को फॉलो किया जाए तो बिना क्रैश डाइट के भी वेट लॉस किया जा सकता है. साची ने 3 साल में 99 किलो से 59 किलो तक वजन घटाया है. उन्होंने हाल ही में उन 5 घर के बने मील्स को शेयर किया, जिन्होंने उनके पूरे वेट लॉस जर्नी में मदद की.
3 साल तक सबसे ज्यादा काम आई Consistency
साची पाई का कहना है कि उनका फोकस किसी फैंसी डाइट पर नहीं, बल्कि ऐसे खाने पर था जिससे पेट भी भरे, पोषण भी मिले और लंबे समय तक आसानी से फॉलो किया जा सके. यही वजह रही कि उन्होंने अपनी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और कंट्रोल्ड कार्ब्स का शामिल किया. उनका मानना है कि वेट लॉस का सबसे बड़ा राज रोज एक जैसी अच्छी आदतों को निभाना है.
1. पालक पनीर बाउल से मिली प्रोटीन और फाइबर
उनकी पसंदीदा मील्स में सबसे पहले पालक पनीर बाउल था. इसमें 200 ग्राम पालक पनीर, 150 ग्राम पका चावल, 100 ग्राम ग्रीक योगर्ट और एक उबला हुआ चुकंदर शामिल था. पालक और पनीर से प्रोटीन मिलता है, चावल शरीर को ऊर्जा देता है, जबकि दही और चुकंदर फाइबर व अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं.
2. झींगा फ्राइड राइस और अंडे
दूसरे मील में उन्होंने 200 ग्राम श्रिम्प फ्राइड राइस के साथ एक पूरा अंडा और दो एग व्हाइट्स खाए. इसमें प्याज और शिमला मिर्च भी शामिल थीं. साथ में खीरे के स्लाइस लिए जाते थे. यह मील हाई प्रोटीन होने के साथ सब्जियों की वजह से ज्यादा देर तक पेट भरा रखने में मदद करता था.
3. अंडे, मशरूम और क्रैकर्स
तीसरे मील में दो अंडे, मशरूम स्टिर फ्राई, 100 ग्राम ग्रीक योगर्ट, एक उबला चुकंदर और तीन वासा क्रैकर्स शामिल थे. यह मील प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का अच्छा मिश्रण था, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती थी.
4. एयर-फ्राइड चिकन के साथ बैलेंस्ड प्लेट
साची की डाइट में 100 ग्राम एयर-फ्राइड मसाला चिकन, 150 ग्राम चावल, 100 ग्राम ग्रीक योगर्ट और गाजर-खीरे का सलाद भी शामिल था. इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और ताजी सब्जियों का संतुलन रखा गया था.
5. ग्रीन चटनी चिकन मील
उनके पांचवें मील में दो एयर-फ्राइड ग्रीन चटनी चिकन लेग्स, 150 ग्राम पालक पनीर, 120 ग्राम चावल और एक उबला चुकंदर शामिल था. यह मील प्रोटीन और हरी सब्जियों से भरपूर था, जबकि चावल की मात्रा सीमित रखी गई थी.