भारत में दूध की खपत सबसे ज्यादा है. हर बच्चे की दिन की शुरुआत दूध से होती है. बच्चों से लेकर बड़े भी दूध का सेवन करते हैं. लेकिन आजकल सबसे बड़ी चुनौती असली दूध घर लाने की है. हर कोई आशंकित रहता है कि कहीं उसके घर में नकली दूध तो नहीं आ रहा. चलिए आपको 2 मिनट में असली और नकली दूध में फर्क करने की तरीका बताते हैं.
दूध में डिटर्जेंट मिला है या नहीं?
कई बार ज्यादा दूध बेचने के चक्कर में इसमें डिटर्जेंट की मिलावट की जाती है. लेकिन आम लोग इसे पकड़ नहीं पाते हैं और इसे बच्चों को पिलाते रहते हैं. दूध में डिटर्जेंट का पता लगाने के लिए थोड़ा सा दूध एक बोतल में ले लें और उसे कुछ देर तक हिलाएं. बहुत ज्यादा झाग होने पर दूध में डिटर्जेंट मिलाया गया है. अगर दूध में झाग कम बनता है तो दूध शुद्ध है.
सिंथेटिक दूध की पहचान कैसे करें?
नकली या सिंथेटिक दूध को गर्म करने पर अलग तरह की गंध आती है. दूध के ऊपर तेल जैसा लेयर दिखाई देता है. जबकि असली दूध को गर्म करने पर मिठास जैसी हल्की खुशबू आती है और ऊपर मलाई बनती है. इस उपाय से आप असली या नकली दूध की पहचान करते हैं और निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका बच्चा असली दूध पी रहा है.
दूध में रिफाइंड ऑयल मिलाने की जांच-
एक कप में थोड़ा दूध लें और उसे उंगली पर लगाएं. इसके बाद उंगली और अंगूठी को रगड़ें. अगर दूध चिपचिपा महसूस होता है तो इसमें रिफाइंड ऑयल मिलाया गया है. शुद्ध दूध चिकना नहीं होता है, सिर्फ मुलायम होता है.
स्टार्च की मिलावट कैसे करें चेक?
एक चम्मच दूध लें और उसमें एक बूंद आयोडीन डाल दें. अगर दूध नीला पड़ता है तो स्टार्च की मिलावट की गई है. अगर दूध का रंग नहीं बदलता है तो समझ लीजिए कि आप असली दूध पी रहे हैं.
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