Advertisement

Heart attack among youth: कोविड से संक्रमित लोग दो-तीन साल तक हैवी वर्क आउट से बचें, हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर आया स्वास्थ्य मंत्री का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, ICMR ने एक विस्तृत अध्ययन किया है. इस अध्ययन के अनुसार, वे लोग, जो कोरोना के दौरान गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण का शिकार बने थे, उन्हें ज्यादा शारीरिक मेहनत नहीं करनी चाहिए.

over work out
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST
  • गरबा खेलने के दौरान हुई थी 17 वर्षीय लड़के की मौत
  • कोविड पेशेंट हैवी वर्क आउट से बचें

कोरोना के बाद से हार्ट अटैक के मामलों में काफी इजाफा हुआ है. हाल ही में गुजरात में गरबा के दौरान कई लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई. इनमें कम उम्र के लोग भी शामिल थे. इस बीच गुजरात दौरे पर गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे उन्हें हैवी वर्क आउट नहीं करना चाहिए. ऐसा करके काफी हद तक हार्ट अटैक से बचा जा सकता है.

ज्यादा शारीरिक मेहनत न करें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, ICMR ने एक विस्तृत अध्ययन किया है. इस अध्ययन के अनुसार, वो लोग जो कोरोना के दौरान गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण का शिकार बने थे, उन्हें ज्यादा शारीरिक मेहनत नहीं करनी चाहिए. ऐसे लोगों को दिल के दौरे से बचने के लिए एक या दो साल तक कठोर अभ्यास से दूर रहना चाहिए.

 

गरबा खेलने के दौरान हुई थी 17 वर्षीय लड़के की मौत

गुजरात में दिल के दौरे से होने वाली मौतों का सिलसिला कम नहीं हुआ है. मरने वालों में युवा और कम उम्र वर्ग के लोग हैं. खासकर सौराष्ट्र में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यंग लोग हार्ट अटैक के तेजी से शिकार बन रहे हैं. हाल ही में गरबा खेलने के दौरान 17 साल के लड़के की मौत हो गई थी.

पुरुषों में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा

साल 2022 से दिल के दौरे के कारण यंग लोगों की मौत के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं और कई लोग इन मौतों को कोविड या इसके इलाज से जोड़कर देख रहे हैं. महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा हैं. शराब, सिगरेट और ड्रग्स की लत, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, शारीरिक एक्टिविटीज न होना, तनावपूर्ण जीवन शैली, अधिक चीनी या नमक वाले भोजन का सेवन हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है.

घबराहट, बैचेनी, पसीना, सीने में दबाव, गले में कुछ अटकना, पेट में दर्द, हाथों में दर्द, उल्टी, चक्कर आदि हार्ट अटैक के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं. स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी है. बचाव उपचार से बेहतर होता है. इसलिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ जरूरत से ज्यादा श्रम करने से बचें.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement