देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है. उत्तर भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में पारा 35°C से 40°C के बीच पहुंच गया है. राजधानी दिल्ली की बात करें तो सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है. आने वाले दिनों में तापमान में 1-2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है. IMD के अनुसार अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान में भी 2-3 डिग्री की वृद्धि संभव है.
हीटवेव का बढ़ता खतरा
तेज धूप और लू शरीर पर गंभीर असर डालती हैं. इससे थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है.
हीट स्ट्रोक के लक्षण
सिरदर्द और चक्कर आना
अत्यधिक प्यास लगना
जी मिचलाना या उल्टी
शरीर का तापमान बढ़ना
पसीना आना बंद होना
त्वचा का सूखना और लाल होना
बेहोशी या भ्रम की स्थिति
हीटवेव में कैसे करें खुद का बचाव
दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर में बाहर निकलने से बचें.
बाहर जाते समय सिर ढकें, छाता और पानी साथ रखें.
ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं.
नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें.
बहुत अधिक भीड़भाड़ और गर्म स्थानों से दूरी बनाए रखें.
ठंडे पानी से स्नान करें और ठंडी जगह पर रहने की कोशिश करें.
घर में रखें इमरजेंसी किट
गर्मी के मौसम में घर पर एक बेसिक इमरजेंसी किट रखना जरूरी है. इसमें ORS के पैकेट, थर्मामीटर, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाएं शामिल होनी चाहिए. ये छोटी-छोटी तैयारी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है.
शरीर का तापमान क्यों बढ़ता है
एक स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य शरीर तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है लेकिन जब बाहरी वातावरण अत्यधिक गर्म हो जाता है, तो शरीर का तापमान भी बढ़ने लगता है. ऐसे में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति से बचा जा सके.
हाई-रिस्क लोगों के लिए खास सावधानी
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और शुगर या बीपी के मरीज हीटवेव के दौरान ज्यादा जोखिम में रहते हैं. इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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