Advertisement

चंडीगढ़ में टीके के बाद बच्चों की निगरानी के लिए खोला गया टीकाकरण केंद्र... जानिए सुविधाओं के साथ क्या कुछ होगी इसकी खासियत

चंडीगढ़ के सेक्टर 16 अस्पताल में बच्चों की देखभाल के लिए टीकाकरण केंद्र खोला गया है. छोटे बच्चे स्वस्थ रहें और हर तरह की बीमारी से वह बचे और स्वस्थ रहे इसलिए बच्चों को टीके लगाए जाते हैं.

टीकाकरण केंद्र
ललित शर्मा
  • चंडीगढ़,
  • 29 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए मॉडल "टीकाकरण केंद्र" की शुरुआत की है. इसका मकसद छोटे बच्चों को आधे घंटे तक निगरानी में रखकर टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की निगरानी में सुधार करना है. चंडीगढ़ के सेक्टर 16 अस्पताल में इस टीकाकरण केंद्र खुलने के बाद जल्द ही स्वास्थ्य विभाग इस तरह के 9 और सेंटेंर्स खोलने जा रहा है. जानिए क्या कुछ है इसमें खासियत?

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार, जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए अलग-अलग टीके लगाए जाते हैं. छोटे बच्चे स्वस्थ रहें और हर तरह की बीमारी से वह बचे और स्वस्थ रहे इसलिए बच्चों को टीके लगाए जाते हैं. चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए मॉडल "टीकाकरण केंद्र" की शुरुआत किए हैं जिसका मकसद छोटे बच्चों को आधे घंटे तक निगरानी में रखकर टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की निगरानी में सुधार करना है. 

क्या है खास?
इस मॉडल टीकाकरण केंद्र में बच्चों के लिए खेलने के तमाम तरह के खिलौने, सॉफ्ट टॉयस्, रंग बिरंगी कृतियां, टेलीविजन स्क्रीन पर कार्टून, स्लीडस, ट्रैम्पोलिन बनाए गए हैं. इसके अलावा एक खुली पर्याप्त जगह है, जिसमें माता-पिता के लिए एक समर्पित प्रतीक्षा क्षेत्र, व्यवस्थित रूप से डिजाइन किए गए बच्चों के अनुकूल फर्श, स्वच्छता उपाय, टीकाकरण पर जानकारीपूर्ण साहित्य और सहायक नर्स दवाइयों के लिए तैयार कौशल विकास खंड बनाया गया है. 

बच्चे खेल कूद कर सकेंगे
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ सुमन सिंह ने खास बातचीत में बताया कि सरकारी अस्पतालों में जब छोटे बच्चों को टीके लगाए जाते है तो उन्हें कुछ देर के लिए निगरानी में रखा जाता है. लेकिन पर्याप्त जगह न होने के कारण आधे घंटे तक बच्चों को निगरानी में रखना मुश्किल होता था. अब इस मॉडल की मदद से टीकाकरण केंद्र में माता-पिता से लेकर बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है जिसमें छोटे बच्चे वहां पर आसानी से खेल कूद सके और स्वास्थ्य कर्मचारी उन्हें निगरानी में रख सके.

क्या है उद्देश्य?
डॉ मंजीत ने कहा, "मॉडल सेंटर टीकाकरण के दौरान बच्चों की परेशानी को कम करते हुए एईएफआई निगरानी बढ़ाने में मदद करेंगे. इसके साथ ही माता-पिता को आवश्यक संदेश देंगे और अगले टीकाकरण अपॉइंटमेंट के लिए एक अनुस्मारक के रूप में काम करेंगे." यूटी स्वास्थ्य जिला टिकाकरण अधिकारी डॉ मंजीत ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी द्वारा दी जाने वाली टीकाकरण सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना, समुदाय में टीकों की स्वीकार्यता में सुधार करना, एईएफआई का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना और एक मजबूत कोल्ड चेन बनाए रखना है.

अभी और केंद्र खुलेंगे
इसके अलावा अस्पताल के अंदर दीवारों पर माता-पिता के लिए आवश्यक टीकाकरण संबंधी जानकारी से सुसज्जित हैं, जिसमें बच्चों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर डिजाइन की गई रंग योजना भी शामिल किया गया है.  नौ नए मॉडल केंद्र सेक्टर-22 सिविल अस्पताल, मनीमाजरा में उप-मंडल अस्पताल, सेक्टर 45 में शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सेक्टर 8, 49 और 52 में स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में खुलेंगे.  

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement