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बच्चों के लिए दूसरी कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी, 12 से 18 साल के बच्चों को लगेगी Corbevax

बायोलॉजिकल ई लिमिटेड ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कॉर्बेवैक्स को 12 से 18 साल के बच्चों के लिए मंजूरी मिल गई है. BE ने ये भी बताया कि कॉर्बेवैक्स को दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के बाद परिणामों के आधार पर 12 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों में एमरजेंसी में प्रतिबंधित उपयोग के लिए मंजूरी मिली है.

बच्चों के लिए दूसरी कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी, 12 से 18 साल के बच्चों को लगेगी Corbevax
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST
  • 12 से 18 साल के बच्चों को लगेगी वैक्सीन
  • वायरस पर कड़ा प्रहार है कॉर्बेवैक्स

कोरोना महामारी के बढ़ने के बाद से भारत में वैक्सीन का निर्माण हुआ. पहले ये वैक्सीन केवल बड़े लोगों के लिए आई, लेकिन फिर 3 जनवरी 2022 से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ. अब तक बच्चों को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगाई जा रही थी. लेकिन अब बच्चों के लिए भारत की दूसरी वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है. 

कौन सी है ये नई वैक्सीन?
वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बायोलॉजिकल ई लिमिटेड ने कॉर्बेवैक्स (Corbevax) नाम की वैक्सीन बनाई है, जिसको अब आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण की मंजूरी मिल गई है. ये वैक्सीन 12 से 18 साल तक के बच्चों को लगाई जा सकती है. 

12 से 18 साल के बच्चों को लगेगी वैक्सीन
बायोलॉजिकल ई लिमिटेड ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कॉर्बेवैक्स को 12 से 18 साल के बच्चों के लिए मंजूरी मिल गई है. BE ने ये भी बताया कि कॉर्बेवैक्स को दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के बाद परिणामों के आधार पर 12 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों में एमरजेंसी में प्रतिबंधित उपयोग के लिए मंजूरी मिली है. भारत अब तक 3 जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को भारत बायोटेक का कोवैक्सिन लगाया जा रहा था. ड्रग कंट्रोलर जनरल ने दिसंबर 2019 में कॉर्बेवैक्स को वयस्कों पर एमरजेंसी उपयोग करने की अनुमति दे दी थी.

वायरस पर कड़ा प्रहार है कॉर्बेवैक्स
Corbevax को COVID-19 के खिलाफ भारत के पहले घरेलू "रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन" के रूप में पेश किया जा रहा है. रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन अपने "स्पाइक" डोमेन पर स्थित वायरस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो इसे कोशिकाओं में प्रवेश करने और संक्रमित करने के लिए शरीर के रिसेप्टर्स को रोकने की अनुमति देता है. वायरल संक्रमण की रोकथाम और उपचार में भी ये प्राथमिक लक्ष्य हैं.

 

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