आज है इंटरनेशनल नर्सेज डे, जानिए 'लेडी विद द लैंप' फ्लोरेंस नाइटिंगेल की कहानी

फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन को इंटरनेशनल नर्सेज डे के रूप में मनाया जाता है. नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग का संस्थापक माना जाता है. इनके जन्म दिवस के अवसर पर इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया था. इसके अलावा 1974 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज ने इंटरनेशनल नर्स डे मनाने की घोषणा की थी.

फ्लोरेंस नाइटिंगेल
शताक्षी सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2022,
  • अपडेटेड 9:22 AM IST
  • फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन पर मनाया जाता है ये दिन
  • 'लेडी विद द लैंप' के नाम से फेमस थीं फ्लोरेंस नाइटिंगेल

आज इंटरनेशनल नर्सेज डे है, इस दिन को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन के तौर पर याद किया जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल वो नाम है, जिन्होंने नर्स को एक सम्मानजनक पेशा बनाया है. इनका जन्म 12 मई 1820 में इटली के फ्लोरेंस में नाइटिंगेल का जन्म हुआ था. उनका परिवार एलीट क्लास में आता था. जिस कारण उनके परिवार वालों को ये कभी भी मंजूर नहीं था, की उनकी बेटी नर्स बने. क्योंकि उस वक्त नर्सिंग एक सम्मानजनक पेशा नहीं हुआ करता था. 

दास्तान फ्लोरेंस नाइटिंगेल की...
लेकिन नाइटिंगेल के अंदर वो भावना हमेशा से थी, और आखिरकार उनके घर वालों को उनके सामने झुकना पड़ा और उन्हें नर्सिंग की ट्रेनिंग करने के लिए जर्मनी जाने की इजाजत मिल गई. ये समय था जब उनकी जिंदगी में टर्निंग प्वाइंट आया और उन्होंने इतिहास रच दिया. साल 1851 में वो जर्मनी गईं और 1853 में उन्होंने लंदन में महिलाओं के लिए अस्पताल खोला.

साल 1853 में क्रीमिया में युद्ध शुरू हो गया. तब नाइटिंगेल ने 38 नर्सों के साथ लेकर तुर्की के एक मिलिट्री अस्पताल में सैनिकों की सेवा भी की. जब नाइटिंगेल मिलिट्री अस्पताल पहुंची तो वहां उन्होंने गंदगी का पहाड़ देखा. ये सब देखकर उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने ठान लिया कि अस्पताल से गंदगी को दूर भगाना है. क्योंकि घायल और बीमार सैनिकों के लिए ये गंदगी खतरे का सबब बन सकती है. 

नाइटिंगेल ने इन घायल सैनिकों को ठीक करने के लिए दिन-रात एक कर दिए. वो रात में भी सैनिकों की सेवा और उनकी देखभाल में लगी रहती थी. रात में जब वो देखभाल के लिए निकलतीं तो हाथ में एक लालटेन होता था. जिस कारण सैनिक उन्हें 'लेडी विद द लैंप' कहने लगे. जब क्रीमिया में युद्ध खत्म हुआ और नाइटिंगेल वापस लौटीं तो लोग उन्हें इसी पहचान के साथ जानने लगे, और वो काफी फेमस हो गई. आज पूरी दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती है. इसलिए उनकी जन्मदिन को इंटरनेशनल नर्स डे के नाम से मनाया जाने लगा. नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग का संस्थापक माना जाता है. 

क्या है इंटरनेशनल नर्सेज डे 2022 की थीम?
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज (International Council of Nurses) ने इस बार इंटरनेशनल नर्सेज डे 2022 की थीम ‘नर्सेज : ए वॉयस टू लीड- इन्वेस्ट इन नर्सिंग एंड रिस्पेक्ट राइट्स टू सिक्योर ग्लोबल हेल्थ’ रखी है. यानी ‘नर्सेज: नेतृत्व के लिए एक आवाज – नर्सिंग में निवेश करें और ग्लोबल हेल्थ को सुरक्षित रखने के अधिकारों का सम्मान करें.’

इंटरनेशनल नर्सेज डे का उद्देश्य
आज के दिन इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स नर्सों को किट बांटता है. इसमें उनके काम से संबंधित सामान होता है. नर्सों का योगदान और उनका सहयोग बहुत जरूरी है. इनके सहयोग बिना स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी हैं.ू

 

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