डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है. डॉक्टर मरीज का इलाज कर ऑपरेशन कर नई जिदंगी देते हैं लेकिन कुछ डॉक्टर ऐसी लापरवाही करने लगे हैं कि मरीज की जिंदगी ही खतरे में पड़ जा रही है. कानपुर के एक अस्पताल में एक महिला का एक डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और ऑपरेशन के बाद तौलिया उसके पेट में ही भूल गया. इससे 4 महीने तक दर्द से परेशान महिला इलाज करती रही, आखिर जब उसने दूसरे डॉक्टर से ऑपरेशन कराया तो उसके पेट से तौलिया बाहर आया. अब पेट में तौलिया छोड़ने वाला डॉक्टर फोन बंद करके गायब हैं. इस मामले में खुलासा और हुआ है कि मरीज किसी दूसरे अस्पताल का था लेकिन ऑपरेशन उसका दूसरे अस्पताल की यूटीआई किराए पर लेकर किया गया था. इस मामले में महिला के पति ने पुलिस थाने और स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की है. इस शिकायत पर दोनों विभागों ने जांच शुरू कर दी है.
पेट में हुआ था दर्द
कानपुर देहात के रहने वाले वीरेंद्र कुमार की 24 वर्षीय पत्नी सोनी को चार माह पूर्व पेट दर्द की शिकायत पर मकसूदाबाद के ओमशांति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. जांच में बच्चेदानी की ट्यूब फटने से पेट में खून जमा होने की बात सामने आई. वीरेंद्र का आरोप है कि अस्पताल संचालक अजय ने सोनी का ऑपरेशन कल्याणपुर के विश्वास हॉस्पिटल में स्थित किराए की ओटी में कराया और वापस अपने अस्पताल लाकर डिस्चार्ज कर दिया. ऑपरेशन के नाम पर डेढ़ लाख रुपए भी वसूल लिए. कुछ दिन पूर्व सोनी को फिर पेट में तेज दर्द होने लगा और ऑपरेशन वाली जगह से मवाद आने लगा. परिजन उसे अकबरपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां दोबारा ऑपरेशन करने पर पेट के अंदर तौलिया फंसा मिला. इसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद तो लिया निकला.
अभी अस्पताल में भर्ती है सोनी
वर्तमान में सोनी अस्पताल में भर्ती है. वीरेंद्र ने बताया कि ऑपरेशन के नाम पर ओम शांति अस्पताल संचालक अजय ने उससे डेढ़ लाख रुपए ले लिए. पहले बताया था कि सब कुछ यही हो जाएगा लेकिन बाद में बताया कि उनका ओटी खराब है, दूसरे अस्पताल ले जाना होगा.वहीं विश्वास हास्पिटल संचालक जगदीश चंद्र विश्वास ने बताया कि उन्होंने ओम शांति हास्पिटल के संचालक अजय को अपना ऑपरेशन थिएटर चार हजार रुपए किराए पर दिया था. मरीज से कोई लेना देना नहीं है. मरीज ओमशांति हॉस्पिटल में भर्ती था. ऑपरेशन की सारी व्यवस्था अजय द्वारा कराई गई. उनका मरीज से कोई लेना देना नहीं है. ओमशांति हॉस्पिटल संचालक अजय का फोन बंद मिला. जिससे बात नहीं हों सकी. सर्जन डॉक्टर रचिता निगम से भी संपर्क नहीं हो सका. इस मामले में डिप्टी सीएम और डॉ. रमित रस्तोगी का कहना है मामले की जांच की जाएगी. एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी.