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सावधान! लंबे समय तक कोविड बन सकता है यौन रोग का कारण

लॉन्ग कोविड का मतलब है कि कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आ जाने के बाद भी लोगों में कुछ दिनों से लेकर महीनों तक कोरोना के लक्षणों के बने रहना. कोरोना से संक्रमित हर व्यक्ति में लक्षण दिखे ऐसा जरूरी नहीं है.

कोविड
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 9:21 PM IST
  • लॉन्ग कोविड के हो सकते हैं 200 लक्षण
  • छह महीने तक बने रह सकते हैं लक्षण

दुनियाभर में कोरोना के आंकड़े भले ही कम हो गए हों, लेकिन लॉन्ग कोविड के रूप में इसके साइड-इफेक्ट्स अभी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि लंबे समय तक कोविड यौन रोग का कारण बन सकता है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने लंबे समय कोरोना के लक्षणों में 33 तरह के लक्षणों के बारे में बताया जो कोरोना होने के तीन महीने तक रह सकती हैं. जिसमें लक्षण कम से कम रहते हैं. इन लक्षणों में थकान, सांस की तकलीफ, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, खांसी, सीने में दर्द, बदली हुई गंध / स्वाद और दस्त होना सबसे प्रमुख लक्षण है. 

लॉन्ग कोविड के हो सकते हैं 200 लक्षण
अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि लॉन्ग कोविड को सिर्फ कमजोरी और दर्द तक सीमित करके देखना सही नहीं है. कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के 200 से ज्यादा प्रकार के लक्षण दिख सकते हैं. अध्ययन में कहा गया है, "बालों के झड़ने, छींकने, यौन रोग के लक्षण, कर्कश आवाज और बुखार जैसे नए लक्षणों की भी पहचान की गई है."

क्या है लॉन्ग कोविड?
लॉन्ग कोविड का मतलब है कि कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आ जाने के बाद भी लोगों में कुछ दिनों से लेकर महीनों तक कोरोना के लक्षणों के बने रहना. कोरोना से संक्रमित हर व्यक्ति में लक्षण दिखे ऐसा जरूरी नहीं है. 

छह महीने तक बने रह सकते हैं लक्षण
लॉन्ग कोविड के ज्यादातर लक्षण शरीर के 10 अंगों से संबंधित होते हैं. इनमें से कई लक्षण 6 महीने से ज्यादा अधिक समय तक रहते हैं. कुछ लोगों में यह लक्षण साल से डेढ़ साल तक भी बने रह सकते हैं. लॉन्ग कोविड के इलाज के लिए न्यूरोसाइकाइट्रिक, न्यूरोलॉजिकल और अन्य स्थितियों से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल करने की आवश्यकता है.

 

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