Menstrual Hygiene Day 2026: बाल धोने से लेकर अचार छूने तक, पीरियड्स से जुड़े इन मिथकों का सच जानिए

पीरियड्स को लेकर फैली शर्म और चुप्पी लोगों को सही जानकारी से दूर करती है. यही कारण है कि आज भी कई घरों में पीरियड्स के दौरान महिलाओं पर तरह-तरह की पाबंदियां लगा दी जाती हैं. हालांकि विज्ञान इन बातों को सही नहीं मानता.

Menstrual Hygiene Day 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:47 AM IST
  • पीरियड्स पर बात करना क्यों जरूरी है?
  • जानिए जागरूकता और हाइजीन क्यों जरूरी है

हर महीने आने वाले पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया हैं, लेकिन आज भी दुनिया के कई हिस्सों में इसे शर्म, डर और छुपाने वाली चीज मान लिया जाता है. यही वजह है कि हर साल 28 मई को Menstrual Hygiene Day मनाया जाता है, ताकि लोगों को पीरियड्स से जुड़ी सही जानकारी मिल सके और इससे जुड़े मिथकों को खत्म किया जा सके.

मासिक धर्म मानवाधिकार का भी मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र और स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, मासिक धर्म सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं बल्कि मानवाधिकार का भी मुद्दा है. आज भी लाखों लड़कियां, महिलाएं, ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी लोग पीरियड्स के दौरान सही सुविधाओं, साफ-सफाई और जरूरी जानकारी से वंचित हैं. कई लड़कियां पीरियड्स के कारण स्कूल छोड़ देती हैं, जबकि कई महिलाएं ऑफिस या सार्वजनिक जगहों पर असहज महसूस करती हैं.

पीरियड्स को लेकर फैली शर्म और चुप्पी लोगों को सही जानकारी से दूर करती है. यही कारण है कि आज भी कई घरों में पीरियड्स के दौरान महिलाओं पर तरह-तरह की पाबंदियां लगा दी जाती हैं. हालांकि विज्ञान इन बातों को सही नहीं मानता.

Menstrual Hygiene Day

चलिए जानते हैं पीरियड्स से जुड़े आम मिथक और सच
मिथक 1- पीरियड्स के दौरान बाल नहीं धोने चाहिए
सच: पीरियड्स में बाल धोना पूरी तरह सुरक्षित है. साफ-सफाई रखने से शरीर फ्रेश रहता है और इंफेक्शन का खतरा कम होता है.

मिथक 2- पीरियड्स में अचार छूने से वह खराब हो जाता है
सच: इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इससे खाने-पीने की चीजों पर कोई असर नहीं पड़ता.

मिथक 3- पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए
सच: हल्की वॉक, योग और स्ट्रेचिंग करने से दर्द और मूड स्विंग्स कम हो सकते हैं. डॉक्टर भी हल्की फिजिकल एक्टिविटी की सलाह देते हैं.

मिथक 4- पीरियड्स का खून गंदा होता है
सच: यह शरीर की सामान्य जैविक प्रक्रिया है. पीरियड ब्लड में ब्लड, टिश्यू और यूटराइन लाइनिंग शामिल होती है, यह गंदा खून नहीं होता.

मिथक 5- सैनिटरी पैड पूरे दिन इस्तेमाल किया जा सकता है
सच: पैड या टैम्पॉन को हर 4-6 घंटे में बदलना चाहिए. ज्यादा देर तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से रैशेज और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.

मिथक 6- पीरियड्स में खट्टा खाना नहीं खाना चाहिए
सच: खट्टा खाने और पीरियड्स के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है. इस दौरान संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना ज्यादा जरूरी होता है.

सही मेंस्ट्रुअल हाइजीन क्यों जरूरी है?
पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने से इंफेक्शन, खुजली, स्किन रैशेज और कई दूसरी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सही menstrual hygiene अपनाना बेहद जरूरी है.

पीरियड्स के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • हर 4-6 घंटे में सैनिटरी पैड बदलें

  • प्राइवेट पार्ट को साफ और सूखा रखें

  • साफ और आरामदायक अंडरगारमेंट्स पहनें

  • इस्तेमाल किए गए पैड को सही तरीके से डिस्पोज करें

  • ज्यादा दर्द, बदबू या अनियमित ब्लीडिंग होने पर डॉक्टर से सलाह लें

  • शरीर को हाइड्रेट रखें और पौष्टिक भोजन करें

 

Read more!

RECOMMENDED