Advertisement

Monkeypox Virus: क्या भारत में पैर पसार रहा मंकीपॉक्स ? केरल में संदिग्ध केस मिलने से मचा हड़कंप, जानें लक्षण और बचाव

Monkeypox Virus: यूएई से केरल लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि विदेश से लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद उसे केरल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण थे और वह विदेश में एक मंकीपॉक्स रोगी के संपर्क में था.

Know About Monkeypox Virus
अनिरुद्ध गोपाल
  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST
  • मंकीपॉक्स की पहचान पहली बार 1970 में हुई थी.
  • संक्रमण का इनक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 6 से 13 दिनों का होता है.

यूएई से केरल लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि विदेश से लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद उसे केरल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

उन्होंने कहा कि जांच के लिए सैंपल ले लिया गया है. जिसे परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जांच के परिणाम आने के बाद ही बीमारी की पुष्टि हो सकती है. वीना जॉर्ज ने कहा कि उस व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण थे और वह विदेश में एक मंकीपॉक्स रोगी के संपर्क में था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स एक वायरल ज़ूनोसिस (जानवरों से मनुष्यों में प्रसारित होने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक के रोगियों में देखे गए लक्षणों के समान लक्षण होते हैं.

पहली बार 1970 में हुई पहचान

मंकीपॉक्स की पहचान पहली बार 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में 9 महीने के एक लड़के में हुई थी. वहां 1968 में चेचक को खत्म कर दिया गया था और तब से अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)के अनुसार कांगो बेसिन, विशेष रुप से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में और पूरे मध्य और पश्चिम अफ्रीका से मानव मामले तेजी से सामने आए हैं.

मंकीपॉक्स के क्या होते हैं लक्षण ?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार मंकीपॉक्स संक्रमण का इनक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 6 से 13 दिनों का होता है. हालांकि कुछ लोगों में यह 5 से 21 दिनों तक भी हो सकता है. मंकीपॉक्स के लक्षण की बात करें तो संक्रमित व्यक्ति को बुखार, तेज सिर दर्द, पीठ और मांसपेशियों में दर्द क साथ काफी ज्यादा कमजोरी का अनुभव हो सकता है. लिम्फ नोड्स की सूजन की समस्या को सबसे आम लक्षण माना जाता है. साथ ही रोगी के चेहरे और हाथ-पांव पर बडे़ आकार के दाने हो सकते हैं. गंभीर संक्रमितों में यह दाने आंखो के कॅार्निया को भी प्रभावित कर सकते हैं. 

कैसे फैलता है मंकीपॉक्स वायरस ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स का जो वायरस है, वह एक डबल स्ट्रैंडेड डीएनए वायरस है. जिसका संबंध ऑर्थो पॉक्सवायरस जींस से है. वैसे इस वायरस का परिवार पॉक्सविरेडे परिवार से संबंध रखता है. विशेषज्ञों की माने तो मंकीपॉक्स से मौत के मामले 11 फीसदी तक हो सकते हैं. संक्रमण के छोटे बच्चों में मौत का खतरा अधिक रहता है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स, संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के घावों या संक्रमित के निकट संपर्क में आने के कारण दूसरे लोगों में भी संक्रमण होने की आशंका रहती है.

ये भी पढ़ें:

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement