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भारत में हर साल 1.9 लाख कैंसर केस संक्रमण से जुड़े, WHO-IARC की स्टडी में HPV सबसे बड़ा कारण

कुछ वायरस और बैक्टीरिया शरीर में लंबे समय तक बने रहकर सूजन, कोशिकाओं में बदलाव और ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय में यही बदलाव कुछ लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं.

cancer cases India
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

कैंसर को आमतौर पर तंबाकू, शराब, प्रदूषण या खराब जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कुछ संक्रमण भी लंबे समय में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. WHO की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) की नई स्टडी के मुताबिक, भारत में 2024 के करीब 1.9 लाख नए कैंसर मामले ऐसे थे, जिन्हें संक्रमणों से जोड़ा गया. यह उस साल देश में सामने आए करीब 15.62 लाख नए कैंसर मामलों का 12% से ज्यादा है. दुनिया में भी करीब 23 लाख नए कैंसर मामले संक्रमण से जुड़े पाए गए.

सिर्फ संक्रमण होना मतलब कैंसर होना नहीं
स्टडी के आंकड़ों का मतलब यह नहीं है कि 1.9 लाख लोगों को संक्रमण हुआ और फिर उन्हें कैंसर हो गया. यहां ‘संक्रमण से जुड़े’ का अर्थ उन कैंसर मामलों से है, जिनमें कुछ खास संक्रमणों की वैज्ञानिक रूप से स्थापित भूमिका मानी गई है.

कुछ वायरस और बैक्टीरिया शरीर में लंबे समय तक बने रहकर सूजन, कोशिकाओं में बदलाव और ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय में यही बदलाव कुछ लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं.

HPV से जुड़े 1 लाख से ज्यादा मामले
भारत में संक्रमण से जुड़े कैंसर के मामलों में HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस सबसे बड़ा कारण रहा. स्टडी के अनुसार, HPV से 1 लाख से ज्यादा कैंसर मामले जुड़े थे. HPV का सबसे मजबूत संबंध सर्वाइकल कैंसर यानी बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से है. इसके अलावा यह गले के कुछ हिस्सों के कैंसर से भी जुड़ा है. खास बात यह है कि HPV से जुड़े सर्वाइकल कैंसर के खतरे को टीकाकरण और नियमित जांच से कम किया जा सकता है.

H. Pylori से पेट के कैंसर का खतरा
स्टडी में Helicobacter pylori (H. pylori) नाम के बैक्टीरिया से भारत में करीब 47 हजार कैंसर मामले जुड़े पाए गए. यह बैक्टीरिया पेट में लंबे समय तक रहकर सूजन पैदा कर सकता है और पेट की अंदरूनी परत में बदलाव कर सकता है. इससे पेट के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए लंबे समय से पेट की समस्या रहने पर डॉक्टर से जांच और सही इलाज कराना जरूरी है.

Hepatitis B और C भी बढ़ाते हैं लिवर कैंसर का खतरा
हेपेटाइटिस B और C संक्रमण मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करते हैं. लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण लिवर में लगातार सूजन और नुकसान का कारण बन सकता है, जिससे आगे चलकर लिवर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. भारत में स्टडी के मुताबिक करीब 10 हजार मामले हेपेटाइटिस B और करीब 5,300 मामले हेपेटाइटिस C से जुड़े थे.

EBV समेत 12 संक्रमणों को किया गया शामिल
शोधकर्ताओं ने ऐसे 12 संक्रमणों का अध्ययन किया, जिन्हें इंसानों में कैंसर पैदा करने की पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर IARC ने कार्सिनोजेन माना है. इनमें HPV, H. pylori, हेपेटाइटिस B और C, Epstein-Barr वायरस (EBV), HIV और कुछ अन्य संक्रमण शामिल हैं. EBV भारत में करीब 22 हजार कैंसर मामलों से जुड़ा पाया गया.

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