Advertisement

4 दिन नहीं कुल 4 घंटे में लगा पाएंगे Omicron का पता.....250 रु. है RT-PCR किट की कीमत, जानिए कब से होगी उपलब्ध

अभी तक ओमिक्रॉन का पता लगाने में कई दिन लग जाते हैं. इसके लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती है. अब इस किट की मदद से आसानी से टेस्टिंग हो पाएगी और इसमें समय भी ज्यादा नहीं लगेगा. कंपनी ने एक बयान में कहा कि लैब्स में टेस्टिंग के लिए कीमत 250 रुपये तय की गई है. कंपनी के मुताबिक यह किट 12 जनवरी से बाजार में उपलब्ध होगी.

RT PCR testing
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 6:50 AM IST
  • 4 घंटे में लगेगा Omicron वायरस का पता
  • टाटा एमडी ने ICMR के साथ साझेदारी में बनाई है ये नई किट

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच एक अच्छी खबर आई है, जल्द ही ओमिक्रॉन टेस्टिंग के लिए बाजार में आरटी-पीसीआर (RT-PCR) किट मिलने लगेगी. जी हां, भारत ने एक नई आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट को मंजूरी दी है, जिससे ये पता लगाया जाएगा कि क्या सैंपल ओमिक्रॉन पॉजिटिव है या नहीं.  बुधवार को एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस ओमिश्योर (Omisure) नाम की किट को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) का अप्रूवल मिल गया है. अब का वायरस का पता लगाने के लिए बड़ी-बड़ी लैब्स और जीनोम सिक्वेंसिंग की जरूरत नहीं होगी.  

टाटा एमडी ने बनाई है ये नई किट 

ओमिश्योर नाम की यह किट टाटाएमडी (TataMD) ने बनाई है. बता दें, अभी तक ओमिक्रॉन का पता लगाने में कई दिन लग जाते हैं. इसके लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती है. अब इस किट की मदद से आसानी से टेस्टिंग हो पाएगी और इसमें समय भी ज्यादा नहीं लगेगा. कंपनी ने एक बयान में कहा कि लैब्स में टेस्टिंग के लिए कीमत 250 रुपये तय की गई है. कंपनी के मुताबिक यह किट 12 जनवरी से बाजार में उपलब्ध होगी. 

4 घंटे में लगेगा वायरस का पता

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा, “अच्छी खबर यह है कि ओमिक्रॉन पता लगाने वाली आरटी पीसीआर किट को टाटा एमडी और आसीएमआर ने मिलकर बनाया है. इसे भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने अप्रूव कर दिया है. यह नई किट चार घंटे में ओमिक्रॉन टेस्टिंग से वायरस का पता करेगी. इससे देश में टेस्टिंग को बढ़ावा मिलेगा, और ज्यादा से ज्यादा हो पाएगी. बता दें, वर्तमान में जीनोम सिक्वेंसिंग में कम से 4-5 दिन लगते हैं. 

आईसीएमआर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ निवेदिता गुप्ता ने बताया कि यह किट दो स्तरों पर काम करती है; एक यह कोविड-19 (Sars-CoV-2) का पता लगाती है, और दूसरा यह S जीन के लिए दो स्पेसिफिक टारगेट करती है, जो ओमिक्रॉन का पता लगवाने में मदद करते हैं. अगर दो एस जीन टारगेट होते हैं, तो कोविड -19 पॉजिटिव सैंपल ओमिक्रॉन वेरिएंट है.

अपनी तरह का पहला मेथड 
 
कंपनी ने अनुसार, इस मेथड का इस्तेमाल करने वाला यह ऐसा पहला टेस्ट है. कंपनी ने कहा, “टाटा एमडी भारत और विश्व स्तर पर उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए रेगुलेटरी बॉडी, और केंद्र और राज्य सरकारों के साथ काम करेगा.  इसके साथ,  हमने अपनी उत्पादन क्षमता, आपूर्ति और कच्चे माल की लिस्ट को बढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया है ताकि प्रति दिन दो लाख ओमिश्योर टेस्ट किट दिए जा सकें.”

ये भी पढ़ें


 
 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement