Advertisement

ओमिक्रॉन पर फाइज़र की बूस्टर असरदार, WHO ने की बूस्टर डोज़ लगवाने की अपील

हालांकि यह लैब में हुई शुरूआती जांच का डेटा हैऔर इसकी वैज्ञानिक रूप से जांच नहीं हुई है. बता दें कि फाइजर पहले से ही कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के लिए अलग से वैक्सीन बनाने पर काम कर रही है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐटिबॉडी में आने वाला ये बड़ा उछाल वायरस से लड़ने के लिए काफी है.

सांकेतिक तस्वीर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:55 AM IST
  • ओमिक्रॉन पर फाइज़र का बूस्टर डोज़ है असरदार
  • स्टडी में हुआ खुलासा

टीका बनाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर ने कहा कि उसकी शुरूआती वैक्सीन की शुरूआती दो डोज़ भले ही ओमिक्रोन पर कम असरदार हो लेकिन बूस्टर डोज़ देने के बाद इसका असर बढ़ जाता है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि लैब में टेस्ट में पता लगा है कि बूस्टर डोज़ लेने पर ओमिक्रोन से लड़ने के लिए जरूरी एंटीबॉडी शरीर में 25 गुना बढ़ जाती है. 

फाइज़र का बूस्टर डोज ओमिक्रोन के खतरे को करता है कम

हालांकि यह लैब में हुई शुरूआती जांच का डेटा हैऔर इसकी वैज्ञानिक रूप से जांच नहीं हुई है. बता दें कि फाइजर पहले से ही कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के लिए अलग से वैक्सीन बनाने पर काम कर रही है.  वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐटिबॉडी में आने वाला ये बड़ा उछाल वायरस से लड़ने के लिए काफी है. ऐंटिबॉडी सेवल से पता लगता है कि कितनी असरदार है और सक्रंमण को रोक पाती है या नहीं.  ब्लूमबर्ग से बातचीत में एक शोधकर्ता ने कहा कि  " फाइज़र का बूस्टर डोज संक्रमण की संभावना को कम कर देगा, इसलिए ये जरूरी है कि जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं ली है वो डोज लें, और ये भी जरूरी है कि कोरोना से सक्रंमित हो चुके लोग भी वैक्सीन की खुराक लें.
 
WHO ने कहा - फाइज़र का बूस्टर डोज़  है असरदार

एक और स्टडी में ये भी बताया गया था ओमिक्रोन के खिलाफ फाइज़र का टीका कुछ हद तक ही सुरक्षा देता है. यह स्टडी मेडेरोक्सिव पर आई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आपात स्थिति निदेशक माइकल रयान ने AFP को बताया कि ये जरूरी नहीं कि कोरोना के नए  वैरिएंट पर ओमिक्रोन पर फाइज़र का टीका बेअसर होगा. इसलिए सभी लोग टीका जरूर लगवाएं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement