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World Blood Donor Day: 100 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं राजीव मिश्रा, ब्लड डोनेशन को बनाया जिंदगी का मकसद

पूरे विश्व में 14 जून को World Blood Donor Day मनाया जाता है और इस दिन विश्व में सभी लोगों से रक्तदान करने की अपील की जाती है ताकि जरूरतमंदों को ब्लड डोनेट कर उनकी जान बचाई जा सके. प्रयागराज के एक ऐसे ब्लड डोनर हैं, जिन्होंने ब्लड डोनेट करना अपने जीवन का मकसद बना लिया है.

Rajeev Mishra
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 14 जून 2024,
  • अपडेटेड 8:10 AM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के प्रीतम नगर के रहने वाले राजीव मिश्रा बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा हैं. राजीव पिछले कई सालों से ब्लड डोनेशन करके लोगों की जिंदगियां बचा रहे हैं. इस नेक काम की शुरुात उन्होंने तब की जब समय पर ब्लड न मिलने के कारण उनके भाई का देहांत हो गया. उस दिन से राजीव ने ब्लड डोनेशन को अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया. 

और अब राजीव के बारे में कहा जाता है कि अगर आप को ब्लड की जरूरत हो और आपके पास ब्लड बैंक चल कर आता है. जी हां, लोगों के लिए राजीव ब्लड बैंक से कम नहीं है. उन्हें भारत का चलता फिरता ब्लड बैंक कहा जाता है जो लोगों के एक फोन कॉल पर ब्लड डोनेट करने पहुंच जाते हैं.

ब्लड डोनेट करने का लगा चुके हैं शतक
राजीव मिश्रा ने अपने जीवन का लक्ष्य ब्लड डोनेट करना बना लिया है. राजीव ब्लड डोनेट करने का शतक भी लगा चुके है और अभी तक 36 लीटर ब्लड डोनेट कर चुके हैं. अभी भी राजीव का ब्लड डोनेट करने का सिलसिल रुका नही है. राजीव ने ब्लड डोनेट के प्रति जागरूकता के लिए भारत के कई राज्यों में जैसे जम्मू कश्मीर, कन्याकुमारी, तमिलनाडु लेह लद्दाख, छत्तीसगढ़, नई दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, नागालैंड, पंजाब, बिहार, असम, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल में रक्तदान करने के लिए लगभग 77000 किलोमीटर की यात्रा भी तय कर चुके है. 

डॉ. राजीव मिश्रा का कहना है कि भारत के कई राज्यों में रक्तदान करने और रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने का उनका उद्देश्य है. देश और समाज में कम से कम अपने जिले के स्थानीय ब्लड बैंक में जाकर साल में हर शख्स एक बार भी रक्तदान करें तो खून की कमी से किसी शख्स की जान नहीं जाएगी. 

सैंकड़ों लोगों की बचाई जान
राजीव मिश्रा अब तक ब्लड डोनेट कर हजारों लोगों की जान बचा चुके हैं. राजीव ने 1600 किलोमीटर की यात्रा तय कर कोविड-19 काल में प्लाज्मा डोनेट कर 39 साल के सुनील गुर्जर की जान बचाई थी. डॉक्टर राजीव ने मणिपुर की राजधानी इंफाल को लेकर अब तक 22 राज्यों में रक्तदान और रक्तदान के प्रति जागरूकता का बेहतरीन काम किया है. उन्होंने 102 बार रक्तदान किया है. वह अपने शरीर से 36 लीटर खून दान कर चुके हैं और 90 ब्लड डोनेशन कैम्प लगाकर सैंकड़ों लोगों की जिंदगी बचाने का निस्वार्थ कार्य किया है. 

मिले हैं कई सम्मान 
ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाले डॉ राजीव मिश्रा को 11 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ-साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, विधायक, डायरेक्टर हेल्थ उत्तर प्रदेश, कमीशनर, जिलाधिकारी, एडी हेल्थ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हाथों सम्मान मिल चुका हैं. वह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी के राज्यपाल राम नाईक से सम्मान पा चुके हैं. देश ही नहीं विदेश में भी अपने इस काम की वजह से सम्मानित हो चुके हैं. राजीव मिश्राको समाजसेवी के नाम से भी जाना जाता है. राजीव मिश्रा अपना नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भी प्रयासरत हैं. 

 

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