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Prostate Cancer Treatment: प्रोस्टेट कैंसर में हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं, 5 सेशन में हो सकती है रेडिएशन थेरेपी

Prostate Cancer Treatment: मुंबई के HCG Cancer Hospital के अनुसार, चुने हुए मरीजों में Stereotactic Body Radiotherapy (SBRT) के जरिए प्रोस्टेट कैंसर का इलाज किया जा सकता है और कुछ मामलों में यह उपचार सिर्फ पांच सेशन में पूरा हो जाता है.

Prostate Cancer Treatment
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST
  • प्रोस्टेट कैंसर में हर बार सर्जरी जरूरी नहीं
  • सेशन में हो सकता है इलाज

प्रोस्टेट कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और परिवार सबसे पहले सर्जरी के बारे में सोचने लगते हैं. लेकिन हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती. इलाज का तरीका मरीज की उम्र, कैंसर की स्टेज और उसकी सेहत देखकर तय किया जाता है. कुछ मरीजों के लिए रेडिएशन थेरेपी भी एक विकल्प हो सकती है. मुंबई के HCG Cancer Hospital के मुताबिक, चुने हुए मरीजों में SBRT तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज किया जा सकता है. इस तकनीक से कुछ मामलों में इलाज सिर्फ पांच सेशन में पूरा हो जाता है.

क्या है SBRT और कैसे काम करती है?
SBRT एक ऐसी आधुनिक रेडिएशन तकनीक है, जिसमें कैंसर वाली जगह पर रेडिएशन की ज्यादा सटीक और फोकस्ड डोज दी जाती है. इसका उद्देश्य ट्यूमर तक रेडिएशन पहुंचाते समय आसपास के स्वस्थ अंगों, जैसे ब्लैडर और रेक्टम, पर असर को कम करना होता है. पारंपरिक सर्जरी में प्रोस्टेट को निकालने के लिए ऑपरेशन किया जाता है. इसके विपरीत SBRT में चीरा लगाने या प्रोस्टेट निकालने की जरूरत नहीं होती. मरीजों में यह इलाज आमतौर पर अस्पताल में भर्ती हुए बिना किया जा सकता है और हर सेशन के बाद मरीज घर लौट सकता है.

पांच सेशन में पूरा हो सकता है इलाज
HCG के मुताबिक, चुने हुए मरीजों में SBRT का पूरा कोर्स सिर्फ पांच सेशन में किया जा सकता है. यानी मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में रहने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रोस्टेट कैंसर मरीज का इलाज पांच सेशन में ही किया जाएगा. इलाज का तरीका बीमारी की स्टेज और मरीज की व्यक्तिगत स्थिति देखकर डॉक्टर तय करते हैं.

HCG Mumbai ने बताया कि उसके यहां 125 से ज्यादा प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का SBRT से इलाज किया जा चुका है. इनमें इंटरमीडिएट और हाई-रिस्क श्रेणी के मरीज भी शामिल रहे हैं. कुछ चुने हुए मेटास्टेटिक मामलों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.

CyberKnife क्या है?
HCG Cancer Hospital, Colaba में CyberKnife तकनीक उपलब्ध है. यह एक रोबोटिक रेडिएशन सिस्टम है, जो इमेज गाइडेंस की मदद से शरीर के अंदर टारगेट की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रेडिएशन देने में मदद करता है. इस तकनीक की खासियत यह है कि इलाज के दौरान शरीर के अंदर होने वाली हलचल को ध्यान में रखकर रेडिएशन को ज्यादा सटीक तरीके से टारगेट किया जा सकता है. इसका उद्देश्य आसपास के स्वस्थ अंगों को अनावश्यक रेडिएशन से बचाना है.

उम्रदराज मरीजों के लिए भी विकल्प
HCG के डॉक्टरों के मुताबिक, वहां इलाज कराने वाले ज्यादातर प्रोस्टेट कैंसर मरीजों की उम्र 60 से 75 साल के बीच रही. करीब 20 मरीज 75 से 85 साल की उम्र के थे. डॉक्टरों का कहना है कि अधिक उम्र के मरीजों में भी सर्जरी के अलावा रेडिएशन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है.

भारत में बढ़ रहे प्रोस्टेट कैंसर के मामले
GLOBOCAN 2022 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2022 में प्रोस्टेट कैंसर के करीब 37,948 नए मामले दर्ज होने का अनुमान था. रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या 2045 तक बढ़कर करीब 82,252 मामले सालाना होने का अनुमान है.

 

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