शोधकर्ताओं ने तैयार किया स्पेशल फेस मास्क...कोरोनावायरस के कणों को पकड़कर कर सकेगा निष्क्रिय

शोधकर्ताओं ने SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करके इसका परीक्षण किया जो सिंथेटिक कणों पर स्थिर हो गए थे. यह संपर्क के 30 सेकंड के भीतर स्पाइक प्रोटीन को नष्ट करते हुए कोरोनावायरस के आकार के एरोसोल को रोकने में सक्षम था.

Face Mask (Representative Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST
  • होती है फाइबर परत
  • कणों को कर सकेगा कंट्रोल

COVID-19 महामारी अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैज्ञानिक वायरस के बारे में अधिक से अधिक जान रहे हैं. इस तरह से हमने इससे बचने के लिए कई तरीके भी जान लिए हैं. अब हमें वैक्सीन के अलावा कई ऐसे नए और बेहतर फेस मास्क मिल चुके हैं जो कोरोना से हमारा बचाव करेंगे. 

शोधकर्ताओं द्वारा विकसित एक नया मेंबरेन-आधारित रेसपिरेटरी मास्क संपर्क में आने पर SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन को पकड़कर, उसे निष्क्रिय कर सकता है. ये स्पाइक प्रोटीन हैं जो शरीर में होने के बाद वायरस को व्यक्ति की कोशिकाओं में प्रवेश करने की अनुमति देते हैं.परीक्षणों के अनुसार, लगभग 99 प्रतिशत लक्षित हवाई कणों को नए मास्क द्वारा फिल्टर किया जा सकता है, जिससे पहनने वालों को संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त परत मिलती है.

केंटकी विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियर दिबाकर भट्टाचार्य कहते हैं, "यह नई सामग्री एन95 मास्क की तरह वायरस को फिल्टर कर सकती है, लेकिन इसमें एंटीवायरल एंजाइम भी शामिल हैं जो इसे पूरी तरह से निष्क्रिय कर देते हैं." "यह इनोवेशन SARS-CoV-2 के खिलाफ सुरक्षा की एक और परत है जो वायरस को फैलने से रोकने में मदद कर सकता है."

कणों को कर सकेगा कंट्रोल
एक निर्माता के साथ मेंबरेन विकसित करने के बाद, शोधकर्ताओं ने SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करके इसका परीक्षण किया जो सिंथेटिक कणों पर स्थिर हो गए थे. यह संपर्क के 30 सेकंड के भीतर स्पाइक प्रोटीन को नष्ट करते हुए कोरोनावायरस के आकार के एरोसोल को रोकने में सक्षम था. झिल्ली को इसकी मोटाई और सरंध्रता (जालीदार) के संदर्भ में ट्वीक (बेहतर बनाना) किया जा सकता है, जिससे भविष्य में और सुधार की संभावना खुल जाती है. इसका मतलब है कि झिल्ली द्वारा फिल्टर किए गए कणों के प्रकार को सावधानीपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है. टीम के अनुसार, इस झिल्ली का उपयोग करने वाला मास्क सांस लेने की क्षमता को प्रभावित किए बिना कई दिनों तक दिन में दो घंटे पहना जा सकता है. इसका मतलब है कि मास्क को बार-बार बदलने की जरूरत नहीं है, इसलिए कम इस्तेमाल किए गए मास्क को समय के साथ निपटाने की जरूरत है.

शोधकर्ताओं ने अपने प्रकाशित पेपर में लिखा, "कम एयरफ्लो प्रतिरोध के साथ स्मार्ट फिलटरेशन मेटेरियल का इनोवेटिव विकास जो एयरोसोलिज्ड वायरस कणों को फिल्टर, कैप्चर और निष्क्रिय कर सकता है उन्हें अपार मानव स्वास्थ्य और वर्कप्लेस लाभ प्रदान करता है.''

होती है फाइबर परत
नए मास्क द्वारा प्रदान किया जाने वाला सुरक्षा कारक N95 मास्क मानक से अधिक है, जिसे 95 प्रतिशत कणों को फिल्टर करने में सक्षम होने के रूप में प्रमाणित किया गया है.  N95 मास्क में तीन या चार फाइबर परतें होती हैं इसके साथ ही इसमें एक इलेक्ट्रिकल चार्ज फिल्टर लेयर लगा होता है. अभी, N95 मास्क स्वास्थ्य हेल्थ केयर इंडस्ट्री में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. हालांकि इसमें अभी भी सुधार की गुंजाइश है. नए मास्क में, शोधकर्ताओं को 100 नैनोमीटर एरोसोल कणों (SARS-CoV-2 ले जाने वाले सहित) के लिए 98.9 प्रतिशत मिला.

शोधकर्ता कहते हैं कि अभी उन्हें यह नहीं पता है कि इस सामग्री को लैब से मास्क में लाने में कितना समय लगने वाला है, जिसे आप वास्तव में बाहर जाकर खरीद सकते हैं. हालांकि यह देखते हुए कि यह कितना प्रभावी होगा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह जल्द ही होगा.शोधकर्ताओं ने लिखा, "रेसपिरेटरी फेस मास्क का उपयोग कोरोनावायरस प्रसार में महत्वपूर्ण है, क्योंकि वायरल प्रसार मुख्य रूप से ट्रांसमिशन के दो तरीकों के माध्यम से होता है. पहला ड्रॉपलेट स्प्रेड और दूसरा संक्रामक हवाई एरोसोल की सांस लेना. यह शोध Communications Materials में प्रकाशित किया गया है.


 

Read more!

RECOMMENDED