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कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत को मिला एक और हथियार, WHO ने Covovax टीके को दी मंजूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को अमेरिका स्थित नोवावैक्स के साथ साझेदारी में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा विकसित कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है. इस तरह कोरोना वायरस से लड़ाई के खिलाफ भारत को एक और हथियार मिल गया है.

Covovax gets emergency approval
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST
  • अभी तक जॉयकोव-डी को ही मिली थी मंजूरी
  • तीन साल तक के बच्चों के लिए सुरक्षित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को अमेरिका स्थित नोवावैक्स के साथ साझेदारी में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा विकसित कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है. इस तरह कोरोना वायरस से लड़ाई के खिलाफ भारत को एक और हथियार मिल गया है.विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कम आय वाले देशों में टीकाकरण की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आपातकालीन उपयोग के लिए कोवोवैक्स को नौवें COVID-19 वैक्सीन के रूप में सूचीबद्ध किया है.

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट किया, "यह अभी तक COVID-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक और मील का पत्थर है. कोवोवैक्स को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है. उन्होंने WHO को इसके लिए धन्यवाद दिया.

तीन साल तक के बच्चों के लिए सुरक्षित
इस सप्ताह की शुरुआत में पूनावाला ने कहा था कि SII ने अगले छह महीनों में बच्चों के लिए एक COVID-19 वैक्सीन Covovax लॉन्च करने की योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि कोवोवैक्स तीन साल तक के बच्चों को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है और ट्रायल के दौरान इसने काफी अच्छा रिजल्ट दिया है. वर्तमान में कोविशील्ड और अन्य COVID-19 टीके 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए स्वीकृत हैं.

पूनावाला ने जोर देते हुए कहा था कि हमारे पास यह दिखाने के लिए पर्याप्त डेटा है कि टीका काम करेगा और बच्चों को संक्रामक बीमारी से बचाएगा.

किन आधारों पर मिली मंजूरी
WHO के अनुसार आपातकालीन इस्तेमाल के लिए Covovax का मूल्यांकन इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता, जोखिम प्रबंधन योजना, प्रोग्रामेटिक उपयुक्तता और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा किए गए निर्माण स्थल निरीक्षण पर डेटा की समीक्षा के आधार पर किया गया था.डब्ल्यूएचओ ने आगे कहा कि उसके आपातकालीन उपयोग सूची के लिए तकनीकी सलाहकार समूह (टीएजी-ईयूएल) ने कोवोवैक्स को उसके सभी मानकों पर सही पाया है, जिसका वैश्विक रूप से उपयोग किया जा सकता है।

अभी तक जॉयकोव-डी को ही मिली थी मंजूरी
इससे पहले डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट को 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों पर इस टीके के परिक्षण की मंजूरी दी थी. अब तक 100 बच्चों पर परीक्षण किया जा चुका है. इस डेटा को डीसीजीआई को सौंप दिया गया था. भारत में अब तक जायडस कैडिला की जॉयकोव-डी को ही इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी. इसे 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों पर इस्तेमाल किया जाना है.

 

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