लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एसजीपीजीआई (SGPGI) ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. इस संस्थान के डॉक्टरों ने छह वर्षीय बच्ची की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी कर कमाल कर दिया है. SGPGI के डॉक्टरों ने भारत में सबसे कम उम्र की मरीज पर इस तकनीक का सफल इस्तेमाल किया है.
भारत हो गया चुनिंदा देशों में शामिल
यह जटिल सर्जरी एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के प्रो.(डॉ.) ज्ञान चंद और उनकी टीम ने की. विश्व स्तर पर इससे कम उम्र के मरीज में रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी का रिकॉर्ड केवल दक्षिण कोरिया की पांच वर्षीय बच्ची के नाम दर्ज है. इस उपलब्धि के साथ भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां इतनी कम उम्र के बच्चे की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी की गई है.
गर्दन पर कोई निशान नहीं पड़ता
छह वर्षीय बच्ची को थायरॉयड ग्रंथि में गांठ की समस्या के इलाज के लिए एसजीपीजीआई लाया गया था. पारंपरिक सर्जरी में गर्दन पर बड़ा चीरा लगाया जाता है, जबकि रोबोटिक तकनीक में बगल और छाती के छोटे-छोटे चीरे के जरिए ऑपरेशन किया गया. इससे गर्दन पर कोई निशान नहीं पड़ता और सर्जरी अधिक सटीक तरीके से की जा सकती है.
बच्ची तेजी से हो रही स्वस्थ
प्रो. (डॉ.) ज्ञान चंद ने बताया कि छोटे बच्चों में इस तरह की रोबोटिक सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. इसके लिए विशेष योजना व तकनीकी बदलावों की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि अनुभवी टीम और सही मरीज के चयन के साथ यह तकनीक छोटे बच्चों में भी सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकती है. फिलहाल बच्ची तेजी से स्वस्थ हो रही है.
पूरी टीम को दी बधाई
इस सफलता का श्रेय पूरी सर्जिकल, एनेस्थीसिया, नर्सिंग और ऑपरेशन थिएटर टीम को दिया गया है. एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. (डॉ.) आरके धीमन और विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गौरव अग्रवाल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे भारत में उन्नत रोबोटिक एवं बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया.