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ब्रेनडेड महिला का अंगदान, 5 लोगों को मिलेगा नया जीवन

सूरत में एक ब्रेनडेड महिला का अंगदान किया गया. इससे 5 लोगों को नया जीवन मिलेगा. मंजुलाबेन की फैमिली ने किडनी, लिवर और आंखें दान की. मंजुलाबेन सड़क हादसे में घायल हुई थी, जिसके बाद उनको ब्रेनडेड घोषित किया गया था.

Surat News
संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

गुजरात के सूरत में एक बार फिर अंगदान के जरिए मानवता की मिसाल सामने आई है. डोनेट लाइफ संस्था के प्रयासों से लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ब्रेनडेड घोषित की गई 56 साल की मंजुलाबेन कांतिभाई पटेल के परिवार ने उनके अंगदान का निर्णय लिया. परिवार की सहमति के बाद मंजुलाबेन की दोनों किडनी, लिवर और आंखों का दान किया गया. अंगों के दान से तीन जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलने के साथ ही 2 लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है. इस तरह कुल 5 लोगों को इसका लाभ मिलेगा.

मंजुलाबेन की फैमिली में कौन-
मंजुलाबेन कांतिभाई पटेल गृहिणी थीं और मूल रूप से सूरत के नघोई गांव की रहने वाली थीं. उनका ब्लड ग्रुप O पॉजिटिव था. परिवार में उनके पति 62 वर्षीय कांतिभाई नारणभाई पटेल खेती कार्य से जुड़े हैं. उनका 34 वर्षीय बेटा जेनीश कांतिभाई पटेल ओलपाड के विधायक मुकेश भाई पटेल के कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है, जबकि उनकी 33 वर्षीय बेटी मोनिका हिरेनभाई पटेल विवाहित हैं.

सड़क हादसे में हुई थी मौत-
मंजुलाबेन 1 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे अपने पति कांतिभाई के साथ दोपहिया वाहन पर कवास गांव से नघोई लौट रही थीं. इसी दौरान भेसाण चौकड़ी के पास एक अज्ञात वाहन ने उनके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी. हादसे में मंजुलाबेन गंभीर रूप से घायल हो गईं. वहां मौजूद एक राहगीर ने तत्काल उन्हें अपनी कार से श्री अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सूरत शहर के लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में सीटी स्कैन कराने पर उनके मस्तिष्क में रक्तस्राव यानी ब्रेन हेमरेज का पता चला. इसके बाद न्यूरोसर्जन डॉ. हरीन मोदी ने क्रेनियोटॉमी कर मस्तिष्क में जमा रक्त का थक्का निकाला और उनका उपचार शुरू किया. इलाज के बावजूद मंजुलाबेन की हालत में सुधार नहीं हुआ. 3 अक्टूबर को डॉक्टरों ने चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया था.

मंजुलाबेन के ब्रेनडेड होने की जानकारी मिलने के बाद गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री और ओलपाड विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मुकेश भाई पटेल ने डोनेट लाइफ के सीईओ एवं ट्रस्टी नीरव मांडलेवाला से फोन पर संपर्क किया और परिवार की अंगदान की इच्छा के बारे में जानकारी दी.

कैसे पूरी हुई अंगदान की प्रक्रिया?
इसके बाद डोनेट लाइफ की टीम अस्पताल पहुंची और विधायक मुकेश भाई पटेल की मौजूदगी में मंजुलाबेन के पति कांतिभाई, बेटे जेनीश, बेटी मोनिका, दामाद हिरेनभाई तथा परिवार के अन्य सदस्यों को अंगदान की पूरी प्रक्रिया और उसके महत्व के बारे में जानकारी दी. अंगदान के लिए परिवार की सहमति बेहद भावुक परिस्थिति में बनी. मंजुलाबेन के पति कांतिभाई ने कहा कि उनकी पत्नी ब्रेनडेड हो चुकी हैं और उनके अंग वैसे भी नष्ट हो जाएंगे. ऐसे में जितने भी अंग दान किए जा सकते हैं, उनका दान कर जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. परिवार के इस फैसले के बाद मंजुलाबेन के लिवर और दोनों किडनी का दान किया गया. इन अंगों का प्रत्यारोपण जरूरतमंद मरीजों में किया जाएगा, जबकि उनकी आंखें भी दान की गईं.

OTRH को वन टाइम इजाजत मिली-
सूरत शहर के लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल OTRH यानी Organ and Tissue Retrieval Hospital के रूप में पंजीकृत नहीं था. ऐसे में डोनेट लाइफ की ओर से SOTTO का मार्गदर्शन लिया गया. SOTTO द्वारा मामले की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को इस मामले के लिए वन-टाइम OTRH अनुमति प्रदान की गई. इसके बाद मंजुलाबेन से प्राप्त लिवर और दोनों किडनी का एलोकेशन अहमदाबाद स्थित IKDRC अस्पताल को किया गया. इन अंगों का प्रत्यारोपण तीन जरूरतमंद मरीजों में किया जाएगा. वहीं, आंखों का दान लोकदृष्टि चक्षु बैंक के डॉ. प्रफुल शिरोया ने स्वीकार किया.

मंजुलाबेन की दोनों किडनी और लिवर को निर्धारित समय में अहमदाबाद स्थित IKDRC अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी था. इसके लिए सूरत शहर पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया. ग्रीन कॉरिडोर के जरिए इन महत्वपूर्ण अंगों को सड़क मार्ग से तेजी से अहमदाबाद पहुंचाया गया.

सूरत में 145 ग्रीन कॉरिडोर-
अंगों को देश के अलग-अलग शहरों में समय पर पहुंचाने के लिए सूरत शहर पुलिस अब तक 145 ग्रीन कॉरिडोर बना चुकी है. इनमें हृदय, फेफड़े, हाथ, छोटी आंत, लिवर और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को निर्धारित समय सीमा में अस्पतालों तक पहुंचाया गया है. डोनेट लाइफ के अनुसार, संस्था द्वारा अब तक कुल 1409 अंगों और टिश्यू का दान कराया जा चुका है. इनमें 564 किडनी, 246 लिवर, 59 हृदय, 56 फेफड़े, 10 पैंक्रियास, 11 हाथ, एक छोटी आंत और 462 आंखों का दान शामिल है.

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