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वजन कम करने के लिए आप भी ले रहे हैं आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सहारा? एरिथ्रिटोल से हो सकता है दिल की बीमारी का जोखिम  

वजन कम करने के लिए अक्सर लोग आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सहारा लेते हैं. अब हाल ही में एरिथ्रिटोल को लेकर एक स्टडी हुई है. इसमें सामने आया है कि इससे दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है.  

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:15 PM IST
  • एरिथ्रिटोल को चीनी के ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं
  • 2000 से ज्यादा सैंपल लिए गए 

वजन कम करने, चीनी कम खाने और कैलोरी घटाने या चीनी का स्वाद लेने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, अब इसके नुकसान भी सामने आ रहे हैं. नेचर मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि एरिथ्रिटोल, खून के थक्के, स्ट्रोक, दिल का दौरा और यहां तक ​​कि मौत से जुड़ा हो सकता है.

दिल से जुड़ी समस्याओं का बढ़ना 

स्टडी में कहा गया है कि कई पोलिओल स्वीटनर्स के सर्कुलटिंग लेवल, विशेष रूप से एरिथ्रिटोल, कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं से जुड़े हैं. परिणामों से पता चला कि एरिथ्रिटोल से प्लेटलेट्स सक्रिय हो जाते हैं और इससे आसानी से खून के थक्के बनने शुरू हो जाते हैं, और इसी वजह से दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी दिल से जुड़ी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. 

क्लीवलैंड क्लिनिक लर्नर रिसर्च इंस्टीट्यूट में सेंटर फॉर कार्डियोवास्कुलर डायग्नोस्टिक्स एंड प्रिवेंशन के डायरेक्टर, डॉक्टर स्टेनली हेजन ने सीएनएन को बताया, "आर्टिफिशियल स्वीटनर से होने वाला जोखिम मामूली नहीं है. हालांकि, इसपर अभी और स्टडी होनी बाकी है. 

एरिथ्रिटोल क्या है?

एरिथ्रिटोल को हम चीनी के ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. इसमें कम फ़ूड एनर्जी होती है. एरिथ्रिटोल, सोर्बिटोल और जाइलिटोल की तरह, एक स्वीटनर है जो स्वाभाविक रूप से कई फलों और सब्जियों में पाया जाता है. इसमें कैलोरी नहीं होती है और ये चीनी की लगभग 70 प्रतिशत मिठास देता है. लेकिन इसकी सबसे खराब बात है कि यह बड़ी मात्रा में आर्टिफिशियल रूप से उत्पादित होता है. 

2000 से ज्यादा सैंपल लिए गए 

स्टडी के लिए अमेरिका में 2,100 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए और बैच का टेस्ट किया गया. इसके अलावा 2018 में यूरोप में में 833 सैंपल की टेस्टिंग की गई. तीनों आबादी में लगभग तीन-चौथाई प्रतिभागियों को कोरोनरी रोग या हाई ब्लड प्रेशर था इसके साथ लगभग पांचवें को डायबिटीस था. इसमें आधे से ज्यादा पुरुष 60 और 70 साल के थे. शोधकर्ताओं ने पाया कि एरिथ्रिटोल लेने वाले दिल के दौरे, स्ट्रोक या मृत्यु के अधिक जोखिम से जुड़े हुए थे.
 

 

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