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भरपूर मात्रा में Vitamin C के सेवन से बोन फ्रेक्चर का खतरा कम होता है, स्टडी में हुआ खुलासा

14 साल से लंबे समय तक चले एक अध्ययन में खुलास हुआ है कि विटामिन K1 अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी कम कर देता है. इसके लिए करीब 1400 वृद्ध महिलाओं पर अध्ययन किया गया.

Vitamin C for Bones
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:45 AM IST

हड्डियों के टूटने का किसी के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ सकता है. विशेष रूप से वृद्धावस्था में जब कूल्हे के फ्रैक्चर से विकलांगता, दूसरे के सहारे की जरूरत पड़ना और मृत्यु दर का खतरा बढ़ सकता है.

बुजुर्ग महिलाओं पर किया गया अध्ययन
उम्र के साथ आपका शरीर भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और उसी अनुसार खान-पान की वजह से हड्डियां भी धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाती हैं. इसी पर एक अध्ययन किया गया और बोन फ्रैक्चर की संभावना को स्टडी किया गया. लगभग 1400 वृद्ध महिलाओं में फ्रैक्चर और आहार से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने के बीच संबंधों का विश्लेषण करने वाले एक लंबे अध्ययन में पाया गया है कि विटामिन K1 अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी कम कर देता है.

अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने 100 माइक्रोग्राम से अधिक विटामिन K1 का सेवन किया, लगभग 125 ग्राम गहरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, या सब्जियों की एक से दो सर्विंग के बराबर उन प्रतिभागियों की तुलना में 31 प्रतिशत कम फ्रैक्चर होने की संभावना थी, जिन्होंने प्रति दिन 60 माइक्रोग्राम से कम का सेवन किया था. ऑस्ट्रेलिया में वर्तमान में महिलाओं को विटामिन K को पर्याप्त मात्रा में लेने का दिशानिर्देश दिया जा रहा है.

अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम हुआ कम
इस अध्ययन को University of Western Australia के सहयोग से किया गया. अध्ययन में लगभग 1400 वृद्ध ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं में फ्रैक्चर से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने और विटामिन K1 के सेवन के बीच संबंधों को देखा गया. इस अध्ययन की अवधि 14.5 साल थी जिसे पर्थ लॉन्गीट्यूडनल स्टडी ऑफ एजिंग वूमन के माध्यम से किया गया. 

हालांकि, एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी में न्यूट्रिशन एंड हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोध में पाया गया है कि बढ़ती उम्र में फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं. हिप फ्रैक्चर के संबंध में और भी अधिक सकारात्मक परिणाम थे, जिन लोगों ने सबसे अधिक विटामिन K1 खाया, उनके अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम लगभग आधा (49 प्रतिशत) कम हो गया.

क्या है विटमिन  K1?
विटामिन K1, जिसे फाइलोक्विनोन के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रकार का विटामिन K है जो पत्तेदार हरी सब्जियों जैसे ब्रोकोली, हरी बीन्स, केल और पालक के साथ-साथ प्रून, कीवी और एवोकाडो जैसे फलों में पाया जाता है. ये शरीर में खून के थक्के जमने से रोकता है और स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने में मदद करता है.

किस तरह करता है मदद?
अध्ययन के प्रमुख डॉ. मार्क सिम ने कहा कि परिणाम विटामिन K1 के लाभों को दर्शाया गया और ये कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को भी बेहतर करने में मदद करता है. उन्होंने कहा,"हमारे परिणाम बॉडी मास इंडेक्स, कैल्शियम सेवन, विटामिन डी की स्थिति और प्रचलित बीमारी सहित फ्रैक्चर दर के लिए कई स्थापित कारकों से स्वतंत्र हैं."

"विटामिन K1 के बुनियादी अध्ययनों ने विटामिन K1-डिपेंडेंट बोन प्रोटीन जैसे ओस्टियोकैलसिन के कार्बोक्सिलेशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका की पहचान की है, जो माना जाता है कि हड्डी की मजबूती में सुधार करता है."एक पिछला ईसीयू परीक्षण दर्शाता है कि इस कार्बोक्सिलेशन के लिए प्रति दिन 100 माइक्रोग्राम से कम आहार विटामिन K1 का सेवन बहुत कम हो सकता है."विटामिन K1 हड्डियों के विभिन्न रिजॉर्बिंग एजेंटों को बाधित करके हड्डियों के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा दे सकता है."

तो, हमें क्या खाना चाहिए?
डॉ. सिम ने कहा कि प्रतिदिन 100 माइक्रोग्राम से अधिक विटामिन K1 खाना आदर्श है और खुशी की बात है कि ऐसा करना बहुत मुश्किल नहीं है.पालक, केल, ब्रोकोली, और गोभी जैसी सब्जियों के एक से दो सर्विंग्स के बराबर 75-150 ग्राम के बीच सेवन करने से रोजाना इतना विटामिन K1 आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.

 

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