AC, शॉवर और पानी की टंकियों में पनप सकता है जानलेवा बैक्टीरिया, जानिए Legionnaires Disease से कैसे करें बचाव

Legionnaires Disease फेफड़ों का एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जिसे लेजियोनेला (Legionella) नाम का बैक्टीरिया पैदा करता है.

Legionnaires' Disease
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:07 AM IST
  • Legionnaires Disease के लक्षण
  • गर्म पानी और गंदे वॉटर सिस्टम से फैल सकती है यह खतरनाक बीमारी

अमेरिका में बैक्टीरियल संक्रमण Legionnaires से अब तक 76 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 4 लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है.

क्या है Legionnaires Disease?
Legionnaires Disease फेफड़ों का एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जिसे लेजियोनेला नाम का बैक्टीरिया पैदा करता है. यह बैक्टीरिया प्राकृतिक रूप से झीलों और नदियों के पानी में पाया जाता है, लेकिन असली खतरा तब पैदा होता है जब यह इंसानों द्वारा बनाए गए पानी के सिस्टम में ये फैल जाए. यह बैक्टीरिया अक्सर कूलिंग टावर, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, हॉट टब, फव्वारों, पाइपलाइन, शॉवर और अन्य जल प्रणालियों में पनप सकता है, खासकर जब उनकी नियमित सफाई और देखभाल नहीं की जाती.

कैसे फैलती है यह बीमारी?
यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती. संक्रमण तब होता है जब कोई व्यक्ति बैक्टीरिया वाले पानी की बेहद महीन बूंदों या भाप को सांस के जरिए अंदर ले लेता है. यही बैक्टीरिया फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

  • तेज बुखार

  • ठंड लगना

  • लगातार खांसी

  • सांस लेने में तकलीफ

  • खांसते या सांस लेते समय सीने में दर्द

  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द

  • तेज सिरदर्द

  • अत्यधिक कमजोरी और थकान

  • मतली, उल्टी या दस्त

  • बुजुर्गों में भ्रम या मानसिक उलझन

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है?

  • 50 साल या उससे अधिक उम्र के लोग

  • धूम्रपान करने वाले या पहले धूम्रपान कर चुके लोग

  • COPD जैसी फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीज

  • कैंसर का इलाज करा रहे, ऑर्गन ट्रांसप्लांट करा चुके मरीज या HIV से संक्रमित लोग

  • डायबिटीज, किडनी, लिवर या दिल की बीमारी से पीड़ित मरीज

इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है
अगर समय पर इलाज न मिले तो Legionnaires Disease से सांस लेने में गंभीर दिक्कत, किडनी फेल होना, सेप्टिक शॉक और कई अंगों के काम करना बंद करने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में मरीज की मौत भी हो सकती है. हालांकि अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में पहचान होने पर एंटीबायोटिक दवाओं से इसका सफल इलाज संभव है.

क्या इससे बचाव किया जा सकता है?
फिलहाल Legionnaires Disease से बचाने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका पानी की प्रणालियों की नियमित सफाई और रखरखाव है. विशेषज्ञ कूलिंग टावर, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, हॉट टब, शॉवर, पाइपलाइन और ह्यूमिडिफायर की समय-समय पर सफाई और डिसइन्फेक्शन की सलाह देते हैं. साथ ही पानी को लंबे समय तक जमा या ठहरा हुआ नहीं रहने देना चाहिए.

 

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