गर्मियों का मौसम आते ही ठंडी-ठंडी आईस क्रमी और कुलफी, चटपटी चाट, मसालेदार गोलगप्पे और सड़क किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं. घर से बाहर कदम रखते ही इन टेस्टी चीजों को खाने का मन अपने आप करने लगता है.
स्ट्रीट फूड का टेस्ट जितना टेस्टी होता है, उतना ही ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. तेज गर्मी के चलते खाना जल्दी खराब हो जाता है और यदि साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं. ऐसे में स्ट्रीट फूड का कई सेहत से जुड़ी बीमारियों के साथ डायरेक्ट कनेक्शन बन जाता है. चलिए बताते हैं कि कौन सी बीमारियां काफी आम हो जाती हैं.
फूड पॉइजनिंग सबसे आम
गर्मियों में सबसे आम परेशानी फूड पॉइजनिंग की होती है, जो बासी खाने को खाने से होती है. इसके कारण उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है.
हाइजीन का ध्यान है जरूरी
गंदे पानी या अनहाइजीनिक तरीके से बनाए गए खाने से डायरिया की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इसी तरह, इंफेक्टिड फूड और पानी के सेवन से टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारी का खतरा रहता है, जिसमें लंबे समय तक तेज बुखार बना रह सकता है.
शरीर हो सकती है डिहाइड्रेट
पीलिया (जॉन्डिस) भी गर्मियों में एक आम समस्या है, जो गंदा पानी और अनहाइजीनिक खानपान के कारण होती है और लिवर पर असर डालती है. उल्टी और दस्त के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो सकती है.
हीट स्ट्रोक का डायरेक्ट अटैक
पेट ही नहीं, बल्कि स्किन भी पर असर पड़ सकता है. खराब ऑयल और मिलावटी मसालों से बने खाने से स्किन एलर्जी, खुजली और रैशेज हो सकते हैं. साथ ही, अधिक तला-भुना और भारी भोजन शरीर की गर्मी को बढ़ा सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है.