उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मोबाइल पर गेम खेलते समय एक युवक का अचानक मानसिक संतुलन बिगड़ गया. वह कभी फिल्मी गीत गाने लगा, कभी भक्ति गीत सुनाने लगा तो कभी शायरी पढ़ने लगा. बेटे के इस अजीब व्यवहार को देखकर उसकी मां घबरा गईं. जब उन्होंने उसे शांत करने की कोशिश की, तो युवक उनके सामने ही गाने लगा.
घटना की जानकारी मिलते ही पिता घर पहुंचे और बेटे के चेहरे पर पानी डालकर उसे होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. युवक लगातार अजीब हरकतें करता रहा. इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है.
ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता है लड़का
जिले में राठ नगर के सिकंदरपुरा में रहने वाले रमेश अपने परिवार के साथ रहते हैं. घर में पत्नी गुड्डी और 20 वर्षीय बेटा अमृतलाल रहते हैं. एक बेटी गायत्री थी, जिसकी 20 दिन पहले बीमारी से मौत हो गई. पिता-पुत्र ईंट-भट्टे में मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं. जबकि मां गृहिणी हैं. पिता रमेश ने बताया कि बेटा खाली समय में फोन चलाता रहता था. अक्सर कुछ न कुछ बड़बड़ाता रहता था. घरवाले मना करते तो वह घर से दूर बाग में जाकर मोबाइल चलाने लगता. स्वजन उसे समझाते कि ज्यादा मोबाइल चलाने से आंखें खराब हो जाएंगी, लेकिन वह नहीं मानता था.
गेम खेलते हुए बड़-बड़ाने लगा
पिता ने बताया कि बुधवार को भी अमृतलाल मोबाइल में गेम खेल रहा था. इसी दौरान वह तेज-तेज बड़बड़ाने लगा और भोजपुरी और भक्ति गीत गाने लगा. स्वजन ने काफी देर तक उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर भी युवक लगातार गाता रहा. अमृतलाल अस्पताल में एक लाइन गाया कि "ये अंधा कानून है.. ये अंधा कानून है". इसके बाद शायरी पढ़ी, "ये जिंदगी एक कहानी है, ये जिंदगी एक कहानी है" ये पहेली ही पहेली है, पहेली ही सहेली है. इसके बाद जय बाला जी महाराज, जय बाला जी महाराज का जयकारा लगाया. जिससे परेशान होकर स्वजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे. जहां पर उसका इलाज चल रहा है.
नींद पूरी न होने से होती है ये समस्या
राठ सीएचसी के डाक्टर कनिष्क माहुर ने बताया युवक को एंजायटी है. नींद पूरी न होने से इस तरह की समस्या होती है. अधिक मोबाइल चलाना भी इसकी वजह हो सकता है. मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. नीता वर्मा ने बताया कि ज्यादा देर तक मोबाइल चलाने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसलिए ऐसे गेमों से दूर रहना चाहिए और कम से कम मोबाइल चलाना चाहिए.
बहन की मौत से भी परेशान था
पिता ने बताया कि अमृतलाल ने करीब पांच साल पहले मोबाइल खरीदा था. पिछले लगभग एक साल से वह मोबाइल में गेम खेलने का आदी हो गया था. इसके अलावा 20 दिन पहले अमृतलाल की बहन गायत्री की बीमारी के चलते ससुराल कोटरा जालौन में मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से काफी चिंतित रहने लगा था.
हमीरपुर जिला अस्पताल के वरिष्ठ मनो चिकिसक डॉ. आर एस प्रजापति ने बताया कि इस बीमारी को "इंजायटिंग इंरोशिस" कहते हैं. ज्यादा स्ट्रेट लेने के बाद यह बीमारी होती है. यह बीमारी नशे की लत की तरह होती है पर इसका इलाज है.
-नाहिद अंसारी की रिपोर्ट