बिहार में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय का बिगुल फूंकने वाले झोपड़ी के लाल भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 24 जनवरी को 102वीं जयंती समारोह इस बार काफी खास होने जा रहा है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार कर्पूरी ग्राम आएंगे. इसको लेकर कर्पूरी ग्राम में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सीएम नीतीश कुमार जननायक के पैतृक गांव में उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे.
कर्पूरी ग्राम सज-धजकर तैयार
बता दें कि 24 जनवरी को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं राजकीय जयंती समारोह उनके पैतृक गांव में मनाई जाएगी. इसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार भाग लेंगे. इसको लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है. नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर से आएंगे. इसके लिए हेलीपैड बनाया गया है. इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की गई है. जननायक कर्पूरी ठाकुर के पैतृक घर जिसे स्मृति भवन के रूप में जाना जाता है, वहां पंडाल बनाए गए हैं. इसके अलावा हाईस्कूल में भी प्रतिमा स्थल के आसपास साफ-सफाई की जा रही है. कुल मिलाकर सीएम के आने पर कर्पूरी ग्राम को सजाने का काम पूरा कर लिया गया है.
सबसे पहले स्मृति भवन पर सीएम करेंगे माल्यार्पण
जननायक कर्पूरी ठाकुर के 102वीं जयंती समारोह में भाग लेने सीएम नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर से आएंगे. हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद सड़क मार्ग से सीधे जननायक कर्पूरी ठाकुर के पैतृक घर स्मृति भवन पर आयोजित राजकीय जयंती समारोह में भाग लेंगे. सर्वधर्म प्रार्थना के बाद भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के तैलय चित्र पर माल्यार्पण करेंगे. उसके बाद वे फिर हाईस्कूल परिसर में प्रतिमा और गोकुल कर्पूरी फुलेश्वरी महाविद्यालय में बने त्रिमूर्ति भवन पर माल्यार्पण करेंगे. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार एक पुस्तक का विमोचन भी करेंगे. पंचायत सरकार भवन और APHC का भी उद्घाटन करेंगे. सीएम के कार्यक्रम को लेकर इन सभी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
जननायक कर्पूरी का झोपड़ी आकर्षण का केंद्र
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को लोग झोपड़ी के लाल से जानते हैं. आज की नई पीढ़ी जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवनी से अवगत नहीं है, वे कर्पूरी ग्राम स्थित जीकेपीडी कॉलेज परिसर में बने प्रतीक के रूप में झोपड़ी को देख कर समझ सकते हैं कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को झोपड़ी का लाल क्यों कहा जाता था. 24 जनवरी को होने वाले जंयती समारोह में खास तौर पर भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर किस तरह से अपनी जीवन सीएम रहते हुए बिताई थी, उसको दिखाने के लिए झोपड़ी बनाई गई है. इसमें यह दर्शाया गया है कि कर्पूरी ठाकुर किस तरह चारपाई पर सोते थे. लालटेन किस जगह पर रहता था. उनके घर में मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनता था. उस झोपड़ी में आटा पीसने वाला जांता, इसके अलावा मसला पीसने में इस्तेमाल होने वाले सिलवट-लोढ़ा, लालटेन-ढिबरी को रखा गया है. कर्पूरी ठाकुर कैसे लोगों की बैठकी लगाते थे, वो दर्शाया गया है. कुल मिलाकर देखा जाए तो जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवनी को दर्शाने की कोशिश की गई है.