एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम ने करवट ले ली है. मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 जनवरी को इस क्षेत्र के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है.
इस जोन में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं. इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि निचले इलाकों में बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं, 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और ओला पड़ने की भी आशंका है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है.
उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य प्रदेश में हल्की बारिश
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों तक भी दिखाई देगा. इस जोन में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं. 27 जनवरी को इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ ओला गिरने की संभावना जताई गई है.
किसानों के लिए यह मौसम सतर्क रहने का संकेत है, क्योंकि ओला गिरने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
मध्य भारत में तापमान में उतार-चढ़ाव
मध्य भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. इसके बाद, आने वाले चार दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ, उनके आस-पास के क्षेत्र भी शामिल हैं.
गुजरात में पहले ठंड, फिर राहत
गुजरात में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने वाला है. अगले 24 घंटों के दौरान यहां न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है.
उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड बढ़ने के आसार
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्य जैसे पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस बदलाव से ठंड और गर्मी दोनों का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा.
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