गुजरात के मेहसाणा जिले के विजापुर में नकली नोट छापकर उन्हें असली बताकर बाजार में चलाने का मामला सामने आया है. HDFC बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन में 500 रुपए के 26 नकली नोट मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गूगल से 500 रुपए के नोट का डिजाइन डाउनलोड किया और कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए. पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मशीन में 50 हजार जमा करने पहुंचे, निकले 26 नकली नोट
मामला 14 अगस्त का है. विजापुर के विसनगर रोड स्थित HDFC बैंक की शाखा की कैश डिपॉजिट मशीन में 500 रुपए के 26 नकली नोट मिले थे. बैंक प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी. जांच में पता चला कि पटेल ध्रुव अपनी पत्नी के खाते में 50 हजार रुपए जमा करने पहुंचा था. उसने मशीन में 500 रुपए के 100 नोट डाले थे. कुछ देर बाद ध्रुव के मोबाइल पर सिर्फ 37 हजार रुपए जमा होने का मैसेज आया. उसने इसकी जानकारी बैंक कर्मचारियों को दी. शाम को मशीन खोली गई तो उसमें 500 रुपए के 26 नकली नोट मिले. इसके बाद पुलिस ने नोटों के बैंक तक पहुंचने की पूरी कड़ी खंगालनी शुरू की.
एक के बाद दूसरे तक पहुंचता गया नकली नोटों का बंडल
पुलिस जांच में सामने आया कि ध्रुव को उसके मामा के बेटे फेनिल से 1 लाख रुपए मिले थे. इनमें से उसने 50 हजार रुपए बैंक में जमा किए थे. फेनिल को यह रकम उसके दोस्त अवि भाखरिया से मिली थी. अवि ब्याज पर पैसे देने और शेयर बाजार में कारोबार करता था. पुलिस के मुताबिक, उस पर काफी कर्ज हो गया था. उसने अपने दादा का घर 30 लाख रुपए में गिरवी रखकर 15 लाख रुपए नकद जुटाए थे. इसी रकम से कर्ज चुकाने की तैयारी थी.
50 हजार के असली नोटों में मिला दिए 26 नकली नोट
पुलिस के अनुसार, अवि के दोस्त जय गोस्वामी ने उसे पैसे बचाने का लालच दिया और नकली नोट मिलाने की योजना बनाई. जय ने अपने दोस्त आदिल कुम्हार से 30 हजार रुपए के नकली नोट सिर्फ 7 हजार रुपए में खरीदे थे. इसके बाद जय और उसके साथी राधे पटेल ने अवि से मिले 50 हजार रुपए के असली नोटों के बंडल में 26 नकली नोट मिला दिए. यही बंडल आगे फेनिल और ध्रुव के जरिए बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन तक पहुंच गया.
गूगल से डिजाइन डाउनलोड किया, प्रिंटर से छापे नोट
पूछताछ में पुलिस को इस मामले का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा पता चला. पुलिस के मुताबिक, विसनगर के काजीवाड़ा इलाके में रहने वाले आदिल कुम्हार ने 2025 में अपने लैपटॉप पर गूगल से 500 रुपए के नोट का डिजाइन डाउनलोड किया था. इसके बाद कलर प्रिंटर की मदद से करीब 1.25 लाख रुपए के नकली नोट छापे गए. पुलिस का कहना है कि इन नकली नोटों को अलग-अलग जगहों पर बाजार में चलाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि 30 हजार रुपए के नकली नोट 7 हजार रुपए में बेचे जा रहे थे.
पुलिस से बचने के लिए राजस्थान में जलाए बचे हुए नोट
बैंक में नकली नोट मिलने के बाद जब आरोपियों को पुलिस कार्रवाई का अंदेशा हुआ तो उन्होंने सबूत मिटाने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी राजस्थान गए और वहां बचे हुए नकली नोट जला दिए.
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