पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान राज्य में नई सड़कों का निर्माण करा रहे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मान सरकार के काम की तारीफ की है. इस संबंध में केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की है. इसमें उन्होंने लिखा है कि पंजाब की तरक्की के लिए भगवंत मान सरकार मूलभूत ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर शानदार काम कर रही है. कुल 44920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 16209 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है. यह पंजाब ही नहीं देश के किसी भी राज्य में किया जा रहा इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य होगा.
सीएम मान ने चंडीगढ़ में की घोषणा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सड़क निर्माण के संबंध में घोषणा की. मुख्यमंत्री मान ने बताया कि पहले हमारी सरकार ने 19373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के लिए 4092 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट शुरू किया था. अब इसे बढ़ाते हुए कुल 44920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे. इन सड़कों के निर्माण कार्य पर कुल 16209 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
ठेकेदार की होगी जिम्मेदारी
सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि सड़क ठेकेदारों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा. सड़क बनाते समय कोई अफसर भी उनसे पैसे नहीं मांगेगा. बस यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क की क्वालिटी से कोई समझौता न हो. उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी न रखें. यह जनता का पैसा है और अगर यह जनता के काम आए तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं. उन्होंने बताया कि जब गांव की पंचायतें सड़क के मटीरियल और गुणवत्ता से संतुष्ट होंगी, तभी ठेकेदारों को भुगतान जारी किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने गांवों के सरपंचों और पंचों से भी अपील की कि जहां सड़क या कोई अन्य काम चल रहा हो, वहां जाकर गुणवत्ता जरूर जांचें. सीएम मान ने कहा कि सड़कों की जांच के लिए एक फ्लाइंग टीम बनाई गई है. उन्होंने कहा कि जो भी नई सड़कें बनेंगी उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी अगले पांचों साल तक संबंधित ठेकेदार की ही होगी. सीएम मान ने कहा कि पंजाब में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य हो रहा है. उन्होंने कहा कि इन सड़कों पर होने वाला पूरा खर्च पंजाब सरकार खुद उठा रही है.
मटेरियल घटिया निकला तो कार्रवाई
गांवों में सरपंच अब सिर्फ पंचायत नहीं, सड़क का गारंटर है. सड़क अच्छी लगी तो वह हस्ताक्षर करेगा, तभी सरकार भुगतान करेगी. जनता वीडियो भेज दे, मटेरियल घटिया निकला तो मान सरकार उसी फुटेज पर कार्रवाई कर देती है. यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें जनता वही नहीं, वह सुपरीक्षक है, और सरकार उसके साथ है. कोई कागजी प्रोजेक्ट नहीं, आंखों के सामने पिघलता डामर, धूप में काली चमकती सड़क और सफ़ेद चूने की लाइनें- यही असली रिपोर्ट कार्ड है.
गूगल मैप पर दिख रहा पंजाब का विकास
तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह पंजाब के अगले दशक की दिशा थी. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम, नगर परिषदें सब अलग-अलग रास्तों पर नहीं, एक बड़े लक्ष्य की ओर चल रही हैं. पंजाब का विकास अब किताबों में नहीं, गूगल मैप पर दिख रहा है. ट्रेडर को माल पहुंचाने में घंटों की बचत होती है, किसान की फसल समय पर मंडी पहुंचती है, गांव का लड़का शहर में नौकरी पर उसी दिन लौट सकता है, एम्बुलेंस अटकती नहीं, गड्ढे नहीं, रफ्तार है। सड़कें पंजाब के आत्मविश्वास की नई परिभाषा बन रही हैं.
राजनीति में भाषण बहुत हुए, योजनाएं बहुत आईं, लेकिन जो इस वक्त हो रहा है, वह एक रिकॉर्ड लिख रहा है. यह काम विपक्ष भी देख रहा है, कार्यकर्ता भी, गांव का बुजुर्ग भी और शहर का व्यापारी भी, मगर सबसे ज्यादा यह बात जनता समझ रही है कि यह सिर्फ विकास नहीं, विकास की भाषा का बदलाव है. यहां घोषणा नहीं, ज़मीन पर चलती मशीनें बोल रही हैं. पंजाब के नक्शे पर डामर की ये काली लंबी लकीरें कल की नहीं, आज की गवाही हैं. और कहानी इतनी सी है, सड़कें अब सिर्फ बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं.
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