केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लंबे समय से जिस खबर का इंतजार था, उस पर अब कुछ स्पष्टता सामने आई है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर सरकार ने आधिकारिक रूप से प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि, अगर आप तुरंत सैलरी बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. तो चलिए आपको बताते हैं क्या है ताजा अपडेट.
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में लिखित जवाब में बताया कि 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को कर दिया गया है. आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इसके साथ ही आयोग ने देशभर में अलग-अलग स्थानों पर परामर्श प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में 24 अप्रैल 2026 को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जहां विभिन्न पक्ष अपनी राय और सुझाव दे सकेंगे.
सैलरी बढ़ने में क्यों लगेगा समय
हालांकि आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत लागू नहीं होगी. इसकी वजह यह है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. सबसे पहले आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करता है. इसके बाद सरकार उस रिपोर्ट की समीक्षा करती है, फिर कैबिनेट की मंजूरी ली जाती है और अंत में नए वेतन ढांचे को लागू किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है. विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही वेतन संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाए, लेकिन कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई सैलरी संभवतः 2026 के अंत तक या वित्त वर्ष 2026-27 में ही पहुंचेगी.
क्या मिलेगा एरियर
देरी के बावजूद कर्मचारियों के लिए राहत की खबर यह है कि उन्हें एरियर मिलने की संभावना है. यानी अगर सैलरी बढ़ोतरी लागू होने में देर होती है, तो भी 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने तक का अंतर राशि एक साथ दी जाएगी. इससे कर्मचारियों को एकमुश्त अच्छी रकम मिलने की उम्मीद है, जो देरी की भरपाई कर सकती है.
क्यों लंबा होता है यह प्रोसेस
वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में देरी कोई नई बात नहीं है. पहले भी ऐसे ही समय लगता रहा है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार को उसे विस्तार से जांचना होता है, फिर मंजूरी के बाद अलग-अलग विभागों को नई सैलरी और एरियर की गणना करनी होती है. इसी वजह से वास्तविक भुगतान में समय लग जाता है.
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