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Digvijay Singh Land Encroachment: दिग्विजय सिंह की जमीन पर हुआ कब्जा, शिकायत के बाद प्रशासन ने लिए कड़े कदम... अधिकारियों ने बताया कौन है असली मालिक

जालसाज़ों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की जमीन का गुपचुप सौदा कर 1989 में बेच दिया. जिसका पता 2024 में चला. वो भी तब जब उस जमीन के उपर निर्माण कार्य शुरू हुआ.

दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक जमीन को जालसाज़ो कब्जा किया और जिसके बाद बेच दिया. हैरत की बात यह है कि यह जमीन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के नाम पर पंजीकृत की. इस जमीन की देखभाल अनिल यादव करते थे. 

लेकिन उन्हें भी इस मामले के बारे में तब पता चला जब इस जमीन पर निर्माण कार्य होना शुरू हो गया. जिसके बाद अनिल यादव ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी और पुलिस को शुक्रवार को दी.

किसके नाम थी जमीन
दरअसल पहले यह जमीन दिग्विजय सिंह की मां अपर्णा कुमारी के नाम पर पंजीकृत थी. लेकिन 1986 में उनकी मौत के बाद विरासत के लिए दिग्विजय ने इसका आवेदन किया और 2024 में यह जमीन दिग्विजय के नाम पर पंजीकृत हो गई. यह जमीन अंबेडकरनगर जिले की आलापुर तहसील के राम नगर महुवर गांव में स्थित है. इसका एरिया 0.152 हेक्टेयर है.

कैसे किया जालसाज़ो ने सौदा
केयर टेकर अनिल यादव ने बताया कि राम हरक चौहान नामक युवक ने 1989 में खुद दिग्विजय सिंह बनकर इस जनीम का सौदा कर दिया था. और यह जमीन सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक जियालाल और राम नगर महुवार गांव निवासी राजबहादुर तथा मंगली को जमीन हस्तांतरित कर दी गई थी.

क्या हुई कार्रवाई
अधिकारियों ने फिलहाल यह जानकारी दी है कि इस जमीन पर निर्माण कार्य को रोक दिया गया है. साथ ही रिकॉर्डों से पता चला है कि यह जमीन दिग्विजय सिंह की ही है. जो पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके है. बाकी तहसील प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है.

 

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