Yogi Cabinet: अमित शाह से योगी की मुलाकात के बाद विभागों के बंटवारे के आसार, किसे मिलेगा पीडब्ल्यूडी विभाग, उत्तर प्रदेश में संगठन की नई टीम पर भी चर्चा

उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है, लेकिन नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी नहीं हुआ है. विभाग बंटवारे से पहले दिल्ली में सीएम योगी और गृहमंत्री अमित शाह के बीच बातचीत हुई है. उत्तर प्रदेश में संगठन की नई टीम पर भी चर्चा हुई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुख्यमंत्री योगी की मुलाकात हुई है.

CM Yogi (File Photo: PTI)
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार हुए चार दिन से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन अभी तक मंत्रियों के विभागों का ऐलान नहीं हुआ है. सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात की बनी हुई थी कि आखिर किस मंत्री को कौन सा विभाग मिल रहा है. खासकर पीडब्ल्यूडी विभाग किस मंत्री के पास जाएगा. 2022 में सरकार बनने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग जितिन प्रसाद को दिया गया था, लेकिन 2024 में केंद्र की सरकार में मंत्री बन जाने के बाद से इस विभाग का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है. अब देखना है कि क्या योगी के पास यह विभाग रहेगा या फिर नए बनाए गए कैबिनेट मंत्रियों में यह मंत्रालय जाएगा. 

योगी कैबिनेट के कई मंत्री दिल्ली में हैं जमे
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद अब पेंडिंग पड़ा मंत्रिमंडल बंटवारा जल्द हो जाएगा.  यही नहीं संगठन में नाम को लेकर भी बातचीत हुई है. चर्चा है कि संगठन में नए नाम का ऐलान इस चर्चा में शामिल रहा है. सबसे ज्यादा लॉबिंग मंत्रिमंडल में विभागों को लेकर हो रही है. योगी कैबिनेट के कई मंत्री दिल्ली में जमे हुए, और सभी मंत्रालय में कुछ बेहतर पाने की उम्मीद में हैं. शुक्रवार को मंत्रिमंडल बंटवारा के आसार हैं. 

सामाजिक समीकरण का रखा जाएगा ध्यान 
माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे में भी सामाजिक समीकरण का ध्यान रखा जाएगा. पार्टी के संगठन का मानना है मंत्रिमंडल में शामिल करके और अच्छे विभाग बंटवारे से ही जातीय संतुलन साधा जा सकता है. बीजेपी ने जिस तरीके से इस मंत्रिमंडल विस्तार में दलित और ओबीसी को प्राथमिकता दी. 6 नए मंत्रियों में तीन ओबीसी और दो दलित मंत्री बनाए. ऐसे में उन्हें सिर्फ दिखावे के तौर पर मंत्रिमंडल में रखने के बजाय उन्हें अच्छा पोर्टफोलियो देने की चर्चा पार्टी के भीतर है. कहा जा रहा है की सामाजिक समीकरण और जातीय समीकरण के साथ यदि मंत्रालय के विभागों को भी बांटा गया तो इसके अच्छे सियासी परिणाम निकल सकते हैं.  माना जा रहा है कि अमित शाह के साथ ये मुलाकात में विभाग बंटवारे की चर्चा पर केंद्रित रही है. 

दफ्तर कर दिया गया है आवंटित 
योगी मंत्रिमंडल में दोबारा कैबिनेट मंत्री बने भपेंद्र सिंह चौधरी को मुख्य भवन के पहली मंजिल पर दफ्तर आवंटित किया गया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय समेत बाकी राज्य मंत्री और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को बापू बवन में कार्यलय दिया गया है. ऐसे में सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि नए मंत्रियों को कौन से विभाग सौंपे जाएंगे?


 

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