Advertisement

बुजुर्ग वकील को युवती ने दिया शादी का झांसा, फिर क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर ठगे 58 लाख रुपए...

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बुजुर्ग वकील के साथ हुई 57 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए चीनी नेटवर्क से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है. यह रैकेट सोशल मीडिया के जरिए रिश्ते का झांसा देकर क्रिप्टो निवेश में पैसे लगवाता था.

Ahmedabad cyber crime
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

शिलज में रहने वाले एक बुजुर्ग वकील को एक युवती ने शादी का प्रस्ताव दिया और इटली में बसने का सपना दिखाया. भरोसा जमने के बाद युवती ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश का दबाव बनाया और धीरे-धीरे उनसे करीब 57 लाख रुपये हासिल कर लिए. शिकायत दर्ज होने के बाद हार्दिक माकडिया के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की.

लेन-देन से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 9 लाख रुपए ताहिर और मकसूद नाम के दो लोगों की कंपनी में गए थे. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो अदनान और एजाज की फर्जी कंपनियों का भी खुलासा हुआ.
इसके बाद जांच आगे बढ़ी और फर्जी बैंक खातों को ऑपरेट करने वाले ओमकार भारती को भी गिरफ्तार कर लिया गया. ओमकार के जरिए पुलिस दिल्ली के सनी मागो तक पहुंची, जो चीनी गैंग के सक्रिय सदस्यों में से एक मयूर सावलिया के लिए काम कर रहा था.

खाते किराए पर लेकर चलता था पूरा फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच से सामने आया कि यह गिरोह जरूरतमंद लोगों के नाम पर बैंक खाते खोलवाता था और बाद में उन्हें चीनी नेटवर्क को सौंप देता था. जब भी बड़े लेन-देन होने होते, खाते के असली धारकों को दिल्ली ले जाया जाता और होटल में रखा जाता था. सनी मागो खाते उपलब्ध करवाने के बदले 5 से 10% कमीशन लेता था.

इस रैकेट का मास्टरमाइंड मयूर सावलिया
इस साइबर गिरोह का सरगना मयूर सावलिया बताया जा रहा है, जो फिलहाल दुबई की जेल में बंद है. मयूर पहले थाईलैंड और लाओस के कॉल सेंटरों में भी काम कर चुका है. 

पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि जिस फेसबुक अकाउंट से बुजुर्ग वकील को संपर्क किया गया था, वह कंबोडिया से ऑपरेट हो रहा था. मयूर और उसकी टीम फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलते थे और इन्हीं खातों के जरिए लाखों रुपये देश से बाहर ट्रांसफर किए जाते थे.

सनी मागो कैसे जुड़ा इस नेटवर्क से?
सनी मागो ने बी.टेक तक पढ़ाई की थी और बाद में क्रॉकरी का बिजनेस शुरू किया, लेकिन घाटे के कारण सितंबर 2025 में दुबई चला गया. दुबई में उसकी मुलाकात मयूर से हुई, जिसने कम समय में लाखों रुपये कमाने का लालच दिया और उसे इस साइबर धोखाधड़ी racket में शामिल कर लिया.
मागो और ओमकार दोनों ही खाते किराए पर दिलवाने और नकदी ट्रांसफर कराने जैसे काम में सक्रिय थे.

कई राज्यों में शिकायतें, करोड़ों रुपये का खेल
जांच में पुलिस को पांच अलग-अलग कंपनियों से जुड़े चार बैंक खातों की जानकारी मिली है. इन खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया था और देशभर के विभिन्न राज्यों से 41 शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.

 

ये भी पढ़ें 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement