ध्वनित एक मेधावी छात्र बताया जा रहा है. वह मेडिकल की पढ़ाई के लिए करीब चार साल पहले यूक्रेन गया था. लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बेटे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार ने उसे ज्यॉर्जिया की Caucasus International University में शिफ्ट कर दिया. पिछले दो साल से ज्यादा समय से वह वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा था. पिता डॉ. मयूर के मुताबिक, ध्वनित पढ़ाई पर पूरा ध्यान देता था और किसी तरह की नौकरी नहीं करता था. उन्होंने बताया कि ध्वनित ने कई रिसर्च पेपर भी लिखे हैं और वह एक स्कॉलर छात्र रहा है. परिवार का कहना है कि करीब एक महीने पहले ध्वनित रहने के लिए दक्षिण भारतीय मूल के अनिल नामक व्यक्ति के घर पीजी में शिफ्ट हुआ था. ध्वनित ने किराया और डिपॉजिट भी जमा किया था. लेकिन कुछ ही दिनों में उसे वहां परेशानी होने लगी.
डॉ. मयूर के मुताबिक, ध्वनित ने बताया था कि वहां रहने वाले कुछ लोग उसे परेशान करते थे. उसका टिफिन खा लिया जाता था, पैसे चोरी हो जाते थे और कपड़े तक फेंक दिए जाते थे. इसी वजह से उसने कमरा बदलने का फैसला किया.
डिपॉजिट विवाद और कथित प्रताड़ना का आरोप
पिता का आरोप है कि जब ध्वनित ने पीजी छोड़ने की बात कही तो अनिल ने डिपॉजिट वापस देने से इनकार कर दिया. परिवार का कहना है कि वे डिपॉजिट छोड़ने के लिए तैयार थे, लेकिन बाद में अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे गए. डॉ. मयूर का दावा है कि ध्वनित का फोन छीनकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया था. इस दौरान उनकी अनिल से कॉल और चैट पर बात भी हुई, जिसमें कथित तौर पर पैसे मांगे गए. परिवार का कहना है कि पैसे देने के बाद ध्वनित वहां से निकला और दूसरी जगह जाने की कोशिश कर रहा था.
14 मई को अचानक कट गया फोन, फिर नहीं हुआ संपर्क
परिवार के मुताबिक, 14 मई को ध्वनित की अपने पिता से फोन पर बातचीत हो रही थी. करीब 20 सेकंड बात होने के बाद अचानक कॉल कट गया. इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ हो गया, जो अब तक ऑन नहीं हुआ है. डॉ. मयूर का कहना है कि उन्होंने तुरंत भारतीय एंबेसी, कॉलेज और स्थानीय पुलिस को जानकारी दी, लेकिन अब तक बेटे का कोई पता नहीं चल पाया है.
सरकार से मदद की अपील
ध्वनित की मां धर्मिष्ठा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ अपने बेटे की सुरक्षित वापसी चाहिए. परिवार का कहना है कि उन्हें भारतीय एंबेसी से मदद मिल रही है, लेकिन स्थानीय पुलिस और कॉलेज प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा. वहीं, ध्वनित का बड़ा भाई मिहिर, जो कनाडा में रहता है, भाई के लापता होने के बाद ज्यॉर्जिया पहुंचा हुआ है और रोज कॉलेज व पुलिस के चक्कर लगा रहा है.
परिवार की पुकार
अब परिवार ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से बेटे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. अब परिजन के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 12 दिनों से लापता ध्वनित आखिर किस हाल में होगा और क्या वह सुरक्षित भी है?
(रिपोर्ट- अतुल तिवारी)
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