गुजरात के अहमदाबाद के पालड़ी में स्थित प्राइवेट कंपनी में बतौर सीनियर अकाउंट मैनेजर के साथ 30 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. अहमदाबाद साइबर क्राइम में सीनियर अकाउंट मैनेजर द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक 14 अगस्त 2026 के दिन सुबह फोन पर उनके बॉस के नाम और बॉस की डीपीवाले अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से बैंक अकाउंट की डिटेल भेजकर 30 लाख रुपए का ट्राजेक्शन करवाया गया.
और ऐसे किया फ्रॉड
गांधीनगर के कलोल में रहनेवाले 34 साल के सीनियर अकाउंट मैनेजर के मुताबिक 14 अगस्त की सुबह 10:09 बजे अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से मेसेज आया. जिसमें डीपी और नाम उनके बॉस का था. अज्ञात नंबर से उन्हें पूछा गया था कि क्या तुम ऑफिस हो, जिसका जवाब हां में दिया गया था. इसके बाद मेसेज आया कि मैं एक मीटिंग में होने की वजह से फोन पर बात नहीं कर पाऊंगा, मुझे सिर्फ मेसेज करना, जिसके जवाब में “OK” रिप्लाई किया गया था. बाद में अकाउंटेंट को अज्ञात नंबर से मेसेज आया कि मैं एक क्लाइंट के साथ जरूरी प्रोजेक्ट पर डिस्कस कर रहा हूं, और एक जगह पेमेंट करने की जरूरत पड़ेगी. आज ट्रांसफर करने की लिमिट कितनी है. जिसके जवाब में बताया गया था कि 30 लाख रुपए का चेक पहले से इश्यू होने की वजह से अब मात्र 30 लाख रुपए ट्रांस्फर करने की लिमिट है. जिसके बाद अज्ञात नंबर से ओडिशा के भुवनेश्वर की बैंक की डिटेल भेजी गई थी. जिसमें 30 लाख रुपए डिपोजिट किए गए थे. इसके बाद वापिस मैसेज करके 20 लाख मांगे गए थे. जिसे लेकर बॉस के पास 20 लाख रुपए का चेक सिग्नेचर के लिए भेजने पर पता चला था कि उन्होंने ऐसा कोई पेमेंट करने के लिए कहा ही नहीं. इससे पता चला की इससे पहले जो 30 लाख रुपए का पेमेंट किया गया है, वो उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है.
पुलिस कर रही मामले की जांच
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के पास एफआईआर के साथ वो व्हाट्सएप नंबर भी है, जिससे अज्ञात शख्स ने अकाउटेंट के बॉस के नाम और डीपी रखकर 30 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए थे. साथ ही बैंक अकाउंट डिटेल भी मौजूद है, जिसमें रुपए ट्रांसफर किए गए. अब पुलिस अज्ञात नंबर और बैंक डिटेल्स की जांच कर अज्ञात शख्स के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 54 और आईटी एक्ट कि धारा 43(a), 43(b), 66, 66(c), 66(d) के तहत मामला दर्ज करके तलाश में जुटी है.