अहमदाबाद के मणिनगर स्थित प्रगति स्कूल से शिक्षक की कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आया है. आरोप है कि शिक्षक ने नकली इंस्टाग्राम आईडी बनाकर दसवीं कक्षा की एक छात्रा को करीब 6 महीने तक अश्लील मैसेज भेजे. मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने शिक्षक को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया. बताया गया कि लगातार आ रहे मैसेज से परेशान छात्रा ने अपने एक दोस्त की मदद ली. दोस्त ने जिस इंस्टाग्राम आईडी से मैसेज भेजे जा रहे थे, उसकी जानकारी जुटाई. जांच के दौरान सामने आया कि वह आईडी किसी बाहरी व्यक्ति की नहीं, बल्कि प्रगति स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक की थी.
शिक्षक के फोन में मिली वही नकली आईडी
इसके बाद छात्रा का दोस्त शिक्षक के पास पहुंचा. वहां शिक्षक का मोबाइल फोन चेक किया गया तो उसमें वही नकली इंस्टाग्राम आईडी मिली, जिसका इस्तेमाल छात्रा को मैसेज भेजने के लिए किया जा रहा था. इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवक शिक्षक के सामने खड़ा दिखाई देता है और उसका फोन चेक करता नजर आता है. फोन में नकली आईडी देखने के बाद युवक गुस्से में शिक्षक का मोबाइल जमीन पर फेंक देता है. शिक्षक फोन उठाता है. इसके बाद युवक शिक्षक को तमाचा भी मारता दिखाई देता है.
शिक्षक ने दी थी मैसेज को लेकर अलग सफाई
स्कूल के प्रिंसिपल शैलेन्द्र यादव के मुताबिक, शिक्षक से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उसने दावा किया था कि वह मैसेज अपनी पत्नी को भेज रहा था, लेकिन गलती से गलत जगह शेयर हो गया. प्रिंसिपल ने बताया कि जिस व्यक्ति को अश्लील मैसेज भेजे गए थे, वह स्कूल से जुड़ा नहीं था. मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी और पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी. बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझ गया था.
स्कूल ने 27 तारीख को शिक्षक को किया टर्मिनेट
शैलेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षक की इस तरह की हरकत को स्कूल किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं कर सकता. मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल ने कार्रवाई की और 27 तारीख को शिक्षक को नियमानुसार टर्मिनेट कर दिया.
वायरल वीडियो के बाद डीईओ ने मांगा जवाब
अहमदाबाद शहर के डीईओ रोहित चौधरी ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए स्कूल से पूरे मामले पर जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समाधान होने की जानकारी सामने आई है और स्कूल ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई भी की है. डीईओ के मुताबिक, स्कूल की तरफ से जवाब मिलने के बाद मामले में जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, उसके आदेश दिए जाएंगे.
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