देश में आयुष पद्धति यानी आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है. जहां पहले से ही अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) नई दिल्ली में काम कर रहा है, वहीं इस साल के बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा भी की गई है. इसी कड़ी में अब एक और बड़ी पहल सामने आई है. नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने आयुष पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को इंश्योरेंस कवर देने के लिए 32 बीमा कंपनियों के साथ समझौता किया है.
इस समझौते के बाद अब वे मरीज जो आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए AIIA में भर्ती होंगे, वे अपने हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ उठा सकेंगे. उन्हें इलाज के लिए कैशलेस सुविधा मिलेगी, यानी अस्पताल में भर्ती के दौरान जेब से सीधे भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी.
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि पहले कई मरीज ऐसे होते थे जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस तो होता था, लेकिन आयुर्वेद अस्पताल में भर्ती होने पर उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पाता था. अब 32 बीमा कंपनियों के साथ हुए इस समझौते के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और मरीज आसानी से अपने इंश्योरेंस का उपयोग कर सकेंगे.
आयुष इंश्योरेंस विशेषज्ञ प्रो. बेजन कुमार मिश्रा ने भी इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि अब तक ज्यादातर एलोपैथिक अस्पताल ही इंश्योरेंस के तहत कवर होते थे, लेकिन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश का पहला ऐसा सरकारी आयुष अस्पताल बन गया है, जहां इतनी बड़ी संख्या में बीमा कंपनियों की कैशलेस सुविधा उपलब्ध होगी.
सरकार के इस कदम को आयुष पद्धति को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इससे न सिर्फ आयुर्वेदिक इलाज को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा.
रिपोर्टर: आशुतोष कुमार
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