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इंडिगो के पायलट ने भोजपुरी में किया यात्रियों का स्वागत, वीडियो वायरल

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो खासा वायरल हो रहा है, जिसमें एयर इंडिगो का एक पायलट भोजपुरी में घोषणा करता नजर आ रहा है. इस वीडियो को लाखों लोगों ने पसंद किया है, वहीं कई यूजर्स इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर इसकी खुब सराहना कर रहे हैं.

इंडिगो के पायलट ने भोजपुरी में किया यात्रियों का स्वागत
शताक्षी सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST
  • यूजर्स इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं
  • इन दिनों सोशल मीडिया पर यह वीडियो खासा वायरल हो रहा है

प्लेन में सफर करते वक्त ज्यादातर यात्री इन-फ्लाइट घोषणाओं को अनदेखा कर देते हैं. लेकिन बिहार से चलने वाली एक इंडिगो फ्लाइट में एक पायलट के संदेश ने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया. दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो खासा वायरल हो रहा है, जिसमें एयर इंडिगो का एक पायलट भोजपुरी में घोषणा करता नजर आ रहा है. इस वीडियो को लाखों लोगों ने पसंद किया है, वहीं कई यूजर्स इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर इसकी खुब सराहना कर रहे हैं.

भोजपुरी में हुआ यात्रियों का स्वागत
प्लेन में घोषणाएं आमतौर पर अंग्रेजी के साथ हिंदी में की जाती हैं. लेकिन एक यात्री द्वारा खींचे गए वीडियो में, इंडिगो के कप्तान को भोजपुरी में सभी का स्वागत करते हुए देखा गया. जिसके बाद सभी यात्री आश्चर्यचकित थे. भोजपुरी बिहार और झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में बोली जाती है. पायलट ने घोषणा करते हुए कहा, "हम, इंडिगो परिवार आप सभी का स्वागत करते हैं ... कप्तान प्रतीक कॉकपिट में हैं ... मार्सी.. सोनिका, याशी और कोमल चालक दल के प्रभारी हैं. फलाइट पूरी तरह से भरी हुई नहीं है. दिवाली और छठ पूजा के चलते इस रूट पर यात्री कम आते हैं. यात्री वापसी के मार्ग पर अधिक हैं." पाइलेट ने आगे पूछा, "आप लोग भोजपुरी भाषा समझ रहे हैं या मुझे इसका हिंदी में अनुवाद करना चाहिए. क्या मेरी भोजपुरी ठीक है?" पायलट ने कहा कि बिहार में महगीम, मैथली, थेठी जैसी कई भाषाएँ हैं, लेकिन प्लेन में केवल भोजपुरी जानता है इसलिए वो भोजपूरी में घोषणा करेंगे.

वीडियों ने जीता लोगों का दिल
वीडियो शेयर करने वाले ट्विटर यूजर देवेंद्र एन तिवारी ने ट्वीट कर लिखा, "भोजपुरी' को अंतरराष्ट्रीय भाषा में मान्यता देने के लिए इंडिगो 6ई का धन्यवाद, लेकिन कई दशकों से सभी सरकारों ने इसे 'आधिकारिक भाषा' का दर्जा नहीं दिया. चालक दल के विचारशील कदम ने यात्रियों और नेटिज़न्स को काफी खुश किया है.

 

कई लोगों को उम्मीद है यह भविष्य में बिहार की सभी उड़ानों के लिए एक नियमित बन जाएगा.


 

 

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