अकोला में खाद्य तेल की बिक्री को लेकर अन्न एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने बड़ी कार्रवाई की है. अकोला के एमआईडीसी परिसर में खाद्य तेल के दो प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं. मिलावट की आशंका के चलते दोनों जगहों से कुल 7 हजार 26 किलो 800 ग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया है. जब्त तेल की कुल कीमत करीब 11 लाख 82 हजार 650 रुपये बताई जा रही है. गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं.
प्रभुदयाल लक्ष्मीनारायण प्रतिष्ठान पर कार्रवाई
FDA की टीम ने सबसे पहले अकोला एमआईडीसी स्थित में प्रभुदयाल लक्ष्मीनारायण प्रतिष्ठान की जांच की. यहां रिफाइंड सोयाबीन ऑयल 'शक्ति' का नमूना लिया गया. मिलावट की आशंका के चलते प्रतिष्ठान से 3 हजार 428 किलो 400 ग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया. इसकी कीमत करीब 6 लाख 21 हजार 300 रुपये बताई जा रही है. जांच के दौरान कई गंभीर खामियां भी सामने आईं. प्रतिष्ठान में अपनी प्रयोगशाला नहीं थी और प्रयोगशाला से जुड़ी रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई. इसके अलावा खुले यानी लूज खाद्य तेल की बिक्री किए जाने की बात सामने आई है. तेल के दोबारा इस्तेमाल और उसमें मिलावट को लेकर भी जांच टीम के सामने संदेह पैदा करने वाली परिस्थितियां मिलीं.
लाइसेंस रिपैकर का, लेकिन कारोबार ट्रेडिंग का
जांच में एक और अहम बात सामने आई. संबंधित प्रतिष्ठान के पास रिपैकर ऑयल का लाइसेंस था, लेकिन वहां ट्रेडिंग का कारोबार किए जाने की बात सामने आई. नियमों के उल्लंघन और दूसरी गंभीर कमियों को देखते हुए FDA ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया. इस कार्रवाई को अन्न सुरक्षा अधिकारी किशोर बोरचाटे ने अंजाम दिया.
भारतकुमार एंड ब्रदर्स पर भी कार्रवाई
इसके बाद FDA की टीम ने एमआईडीसी स्थित भारतकुमार एंड ब्रदर्स प्रतिष्ठान की जांच की. यहां भी रिफाइंड सोयाबीन ऑयल का नमूना लिया गया. मिलावट की आशंका के चलते 3 हजार 598 किलो 400 ग्राम खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया गया. जब्त किए गए तेल की कीमत करीब 5 लाख 61 हजार 350 रुपये बताई गई है. जांच के दौरान यहां भी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं. प्रतिष्ठान की प्रयोगशाला पर्याप्त रूप से अद्यतन नहीं थी और प्रयोगशाला से संबंधित रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी. इसके अलावा यहां लूज खाद्य तेल की बिक्री भी की जा रही थी.
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अन्य गंभीर कमियां भी FDA की टीम को मिलीं. इस प्रतिष्ठान पर कार्रवाई अन्न सुरक्षा अधिकारी रविंद्र सोलंके ने की.
दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
दोनों ही प्रतिष्ठान रिपैकर ऑयल के लिए लाइसेंसधारी हैं. लेकिन जांच में सामने आई गंभीर खामियों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए अन्न एवं औषधि प्रशासन ने दोनों के लाइसेंस अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं.
फिलहाल खाद्य तेल के लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. FDA की इस कार्रवाई के बाद खाद्य तेल की गुणवत्ता और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ये भी पढ़ें