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रिटायरमेंट से 6 महीने पहले 25 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़े गए PWD अधिकारी, घर और ऑफिस पर सर्च ऑपरेशन जारी

अलवर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता कृष्ण अवतार गुप्ता को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.

रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारी
gnttv.com
  • अलवर,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:02 AM IST

अलवर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशाषी अभियंता को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच तेज कर दी गई है.


एनओसी के बदले मांगी गई रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, अधिशासी अभियंता ने पेट्रोल पंप लगाने के लिए एनओसी जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी. परिवादी से कुल 35 हजार रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 10 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे. शेष 25 हजार रुपये लेने के दौरान एसीबी ने कार्रवाई को अंजाम दिया.

परिवादी तय योजना के तहत आरोपी अधिकारी के घर पहुंचा, जहां रिश्वत की रकम दी जानी थी. जैसे ही अधिकारी ने 25 हजार रुपये की राशि स्वीकार की, एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई.

शिकायत के बाद रचा गया ट्रैप
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, परिवादी शिवचरण यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके भतीजे गोपेश यादव के नाम से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए पीडब्ल्यूडी से एनओसी जारी करनी थी. इसके बदले आरोपी अधिकारी कृष्ण अवतार गुप्ता ने 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. शिकायत के सत्यापन में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले 10 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था.

डीएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी और डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की. जैसे ही आरोपी ने रिश्वत ली, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. अब गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी अधिकारी के घर और ऑफिस पर सर्च ऑपरेशन चला रही है. उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की भी जांच की जा रही है, ताकि अन्य लेन-देन और संभावित भ्रष्टाचार के मामलों का पता लगाया जा सके.

एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया
बताया जा रहा है कि अधिशासी अभियंता का रिटायरमेंट करीब 6 महीने बाद होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह कार्रवाई हो गई. एसीबी अब उसके पुराने मामलों की भी जांच कर रही है कि उसने पहले कितने लोगों से रिश्वत ली है.

हालांकि अभी आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. मंगलवार को आरोपी को एसीबी विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

(रिपोर्ट- हिमांशु कुमार)

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