Advertisement

बाथरुम का दरवाजा खोलते ही उड़े होश, 7 फीट लंबे खूंखार मगरमच्छ से हुआ आमना-सामना

गुजरात का आणंद में कुत्तों को भौंकने से एक शख्स की नींद खुली. जब वो बाहर निकला और बाथरूम की तरफ गया तो उसके होश उड़ गए. बाथरूम में 7 फीट लंबा मगरमच्छ डेरा जमाए हुए था. उन्होंने फौरन इसकी जानकारी वन विभाग को दी. वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ लिया.

Anand News
gnttv.com
  • आणंद,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

गुजरात में आणंद के सोजित्रा में देर रात बाथरुम में 7 फीट लंबा मगरमच्छ घुसा, कुत्तों के लगातार भौंकने पर मकान मालिक की नींद खुली. जब मालिक ने बाथरुम का नजारा देखा तो उसके होश उड गए.​ खूंखार मगरमच्छ एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित पकड़ा गया. ​दया फाउंडेशन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मगरमच्छ को मलातज तालाब में छोड़ा. बारिश के कारण जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं.

बाथरूम में घुस गया 7 फीट लंबा मगरमच्छ-
जरा सोचिए, आधी रात को जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया हो, अचानक आपके घर के बाथरुम में 7 फीट लंबा खूंखार मगरमच्छ आकर बैठ जाए. ऐसा ही खौफनाक मंजर सोजीत्रा तालुका के त्रंबोवाड-खड़ियारापुरा इलाके में देखने को मिला, जहां एक रिहायशी मकान के बाथरूम में अचानक 7 फीट का मगरमच्छ घुस आया.

कुत्तों के भौंकने से खुली नींद-
घटना बुधवार देर रात की है. त्रंबोवाड इलाके में रहने वाले बालाभाई चौहान के मकान के बाहर अचानक रात के करीब 11 बजे कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगे. लगातार कुत्तों की आवाज सुनकर जब मकान मालिक बालाभाई नींद से जागे और जांच करने बाथरुम की तरफ बढ़े, तो उनके होश उड़ गए. सामने कोई आम जानवर नहीं, बल्कि करीब 7 फीट लंबा एक विशाल मगरमच्छ बैठा हुआ था.

मगरमच्छ को देखते ही परिवार में चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया. बिना देर किए तुरंत इसकी सूचना सोजीत्रा वन विभाग को दी गई.

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम-
सूचना मिलते ही वन रक्षक निलेश भरवाड़ और मनीष प्रजापति के मार्गदर्शन में दया फाउंडेशन के अध्यक्ष नितेश चौहान और वॉलंटियर तुषार राणा सहित पूरी रेस्क्यू टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची. करीब 1 घंटे की भारी मशक्कत और कड़ी जहमत के बाद टीम ने बिना किसी नुकसान के मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया. इसके बाद राहत की सांस लेते हुए वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पास के ही मलातज गांव के तालाब में सुरक्षित छोड़ दिया.

दया फाउंडेशन के अध्यक्ष नितेश चौहान ने बताया कि वनविभाग की ओर से जानकारी मिलने पर हमारी टीम घटना स्थल पर पहुची थी. 7 फिट मगरमच्छ का रेस्क्यु कर सुरक्षित वहा के मलातज तालाब मे छोड दीया है.

भोजन की तलाश में बाहर निकले रहे मगरमच्छ- वन विभाग
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के इस मौसम में बारिश की वजह से तालाबों और जलाशयों में पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. शरीर का तापमान संतुलित रखने और भोजन की तलाश में मगरमच्छ अक्सर पानी से बाहर निकलकर आसपास के रिहायशी इलाकों का रुख कर लेते हैं.

आपको बता दें कि पास के ही मलातज गांव के तालाब में तकरीबन 100 से भी ज्यादा मगरमच्छ मौजूद हैं. यही वजह है कि जलभराव की स्थिति में मगरमच्छ आसपास की सड़कों और इंसानी बस्तियों तक पहुंच रहे हैं.

बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है कि रात के समय बेहद सतर्क रहें और बेवजह बाहर न निकलें. सड़कों पर गाड़ियां धीमी गति से चलाएं. अगर कहीं मगरमच्छ दिखाई दे, तो उसे बिल्कुल परेशान न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें.

(हेताली शाह की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement