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Amul ने हासिल किया रिकॉर्ड ब्रेकिंग टर्नओवर, डेयरी किसानों को मिलेगा बोनस

गुजरात स्थित खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड, अमूल डेयरी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड ब्रेकिंग टर्नओवर हासिल किया है. यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 05 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

अमूल डेयरी से जुड़े किसानों के लिए एक गुड न्यूज है. जल्द ही, उन्हें अच्छा खासा बोनस मिलने वाला है. दरअसल, अमूल डेयरी के इतिहास में पहली बार अमूल का अनुमानित कारोबार 12,880 करोड़ रुपये को पार कर गया है. जी हां, अमूल डेयरी के अध्यक्ष, विपुलभाई पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान अमूल का कारोबार लगभग 13,000 करोड़ का रहा है. 

गुणवत्ता, नवाचार और स्थिरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ, अमूल ने डेयरी उद्योग में अपनी अग्रणी स्थिति को बरकरार रखा है. 
पटेल ने इस मौके पर निदेशक मंडल के साथी सदस्यों, डेयरी संघों के अध्यक्ष, सचिवों, सभा के सदस्यों, संघ के प्रबंध निदेशक और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया. 

पशुपालकों को मिलेगा फायदा
आणंद में अमूल डेयरी ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की है. साल 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में 9% की वृद्धि दर्ज की गई है. इस बारे में विपुल पटेल ने कहा कि अमूल इस साल पशुपालकों को 525 करोड़ से अधिक बोनस मूल्य परिवर्तन देगा. साथ ही, अमूल कई नई पहलों पर काम कर रहा है जिससे न सिर्फ प्रोडक्ट्स बेहतर होंगे बल्कि देश का भविष्य भी बेहतर बनेगा. 

महाराष्ट्र के पुणे में अमूल का आधुनिक प्लांट लगाया जाएगा. आंध्र प्रदेश के चित्तूर में भी एक आधुनिक प्लांट शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके अलावा, यह शोध भी किया जा रहा है कि जानवर भी जुड़वां बच्चों को जन्म दे सकते हैं या नहीं. अमूल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और उम्मीद है कि इसका फायदा गांवों के उन पशुपालकों को होगा जिनके यहां से अमूल को दूध पहुंचाया जाता है. 

आजादी के पहले से है अमूल 
अमूल एक भारतीय बहुराष्ट्रीय सहकारी समिति, आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड का संक्षिप्त नाम है. यह गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ लिमिटेड, सहकारिता विभाग, गुजरात सरकार के स्वामित्व में है. अमूल पर 3.6 मिलियन दूध उत्पादकों का कंट्रोल है. आपको बता दें कि त्रिभुवनदास किशिभाई पटेल ने 1946 में संगठन की स्थापना की थी और 1970 के दशक में अपनी सेवानिवृत्ति तक इसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 

उन्होंने 1949 में वर्गीस कुरियन को अमूल के महाप्रबंधक के रूप में नियुक्त किया था. 1994 में पटेल की मृत्यु के बाद कुरियन कुछ समय के लिए अमूल के अध्यक्ष बने और उन्हें अमूल की मार्केटिंग की सफलता का श्रेय दिया जाता है. अमूल ने भारत में श्वेत क्रांति को बढ़ावा दिया, जिसने देश को दूध और दूध उत्पादों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बना दिया. 

(हेताली शाह की रिपोर्ट)

 

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