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Delhi Premium Bus Service: दिल्ली में ऐप बेस्ड प्रीमियम बस सेवा को मंजूरी...जानिए फ्री वाई फाई के साथ क्या कुछ मिलेंगी अन्य सुविधाएं

दिल्ली सरकार की एप बेस्ड प्रीमियम बसों का रास्ता साफ हो गया है. इसके तहत लग्जरी बस चलाई जाएंगी. इनमें AC, वाई-फाई, GPS, पैनिक बटन जैसी सारी आधुनिक सुविधा होंगी. नोटिफिकेशन के मुताबिक कम से कम 25 लग्जरी बसों का बेड़ा लाइसेंस प्राप्त करने के लिए चाहिए होगा.

Premium Bus Service
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:51 PM IST

राजधानी दिल्ली में प्रीमियम बस सेवा शुरू करने को लेकर मंजूरी मिल गई है. केजरीवाल सरकार ने इसे जारी किया था जिसपर उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी है. दिल्ली सरकार ने प्रीमियम बस योजना, 2023 को अधिसूचित किया है, जो एक ऐप-आधारित बस सेवा प्रदान करती है. इन बसों में लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सीट रिजर्व कर सकते हैं. यह योजना 'प्रीमियम बस' को किसी भी लक्जरी सार्वजनिक बस के रूप में परिभाषित करती है जिसमें एयर कंडीशनिंग, रिक्लाइनिंग सीटें, वाईफाई, जीपीएस, सीसीटीवी और कम से कम नौ यात्रियों की बैठने की क्षमता है. इन बसों में लोगों को आरामदायक, सुरक्षित और बिना भीड़ के यात्रा करने का मौका मिलेगा. इस बस सेवा पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा. बस संचालक खुद बाजार के हिसाब से किराया लागू कर सकेंगे.

लाइसेंस भी हो सकता है कैंसिल
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा, ''अभी ये बस सेवा दिल्ली के अंदर ही होगी.'' एग्रीगेटर इसका लाइसेंस पाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. हालांकि उन्हें ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की दी गई सारी कंडीशन्स को पूरा करना होगा. अगर कोई एग्रीगेटर पैसेंजर सेफ्टी के नियमों को फॉलो नहीं करता है तो ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास ताकत होगी कि वो उनका लाइसेंस कैंसिल कर सके. लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कम से कम 25 लग्जरी बसों का बेड़ा होना चाहिए. लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये होगी जो अगले 5 सालों के लिए वैद्य होगी. वहीं अगर लाइसेंस रिन्यू कराना है तो इसके लिए सालाना 25000 रुपये देने होंगे. इसके अलावा 1 से 5 लाख का सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा.

डिजिटल माध्यम से लिया जाएगा किराया
योजना के तहत लगी बसों को अधिसूचित बस शेल्टरों से यात्रियों को लाने और छोड़ने की अनुमति होगी. ऑपरेटरों को अपने मोबाइल और वेब-आधारित ऐप पर यात्राओं का मार्ग बताना होगा. अधिसूचना में कहा गया है, "किसी भी स्टॉप से ​​​​यात्रियों की बुकिंग बोर्डिंग समय से कम से कम दो मिनट पहले की जाएगी. एक डिजिटल यात्री घोषणापत्र बनाकर रखा जाएगा." बस ऑपरेटरों को परिवहन विभाग को उन रूटों की जानकारी देनी होगी, जिन पर वे बसें चलाएंगे.डायनेमिक प्राइसिंग की अनुमति होगी, यानी लाइसेंस धारक किराया कम या ज्यादा अपने हिसाब से कर सकता है. लेकिन DTC के अधिकतम किराए से कम नहीं हो सकता. यात्रियों से किराया केवल डिजिटल माध्यम से लिया जा सकेगा. जनता की जानकारी के लिए किराया मोबाइल और वेब-आधारित ऐप पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए. 

यात्रियों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये प्रावधान किया गया है कि एक बार बस की बुकिंग होने के बाद उसे कैंसिल नहीं किया जा सकता है. जब तक कि कोई आकस्मिक घटना न हो. अगर ऐसा होता है तो यात्री के लिए विकल्प के तौर पर दूसरे वाहन की व्यवस्था करनी होगी. ऐसा न करने पर कार्रवाई का जाएगी.

कैसी होगी सुरक्षा
अगर बस में कोई सीट खाली है को उसे मौके पर नहीं बेचा जा सकेगा. बस में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे लगाने अनिवार्य होंगे. ऐप के जरिए बुकिंग करने वालों को पूरी सीट दी जाएगी. खड़े होकर कोई भी यात्रा नहीं कर सकेगा.

क्या होंगी सुविधाएं
सभी बसे वातानुकूलित होंगी. इनमें वाई-फाई की सुविधा भी मिलेगी. बस के किराये का भुगतान डिजिटली ही किया जाएगा. शिकायत दर्ज करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है. बस का रूट बदलने पर सात दिन पूर्व वेबसाइट पर जारी करना होगा. अगर किराए में कोई बदलाव होता है तो बस ऑपरेटर को उसे ऐप या वेब पोर्टल पर पहले से सूचित करना होगा. बुकिंग रद्द होने पर किराया वापस करना होगा.


 

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