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चीन कृत्रिम सूरज बना रहा और हमारे PM मजाक करने वाले बच्चों पर FIR दर्ज करा रहे हैं- केजरीवाल

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चीन कृत्रिम सूरज बना रहा है और हमारे प्रधानमंत्री छोटे-छोटे बच्चों पर एफआईआर दर्ज करा रहे हैं.

Arvind Kejriwal
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर कटाक्ष किया. पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ चीन आर्टिफिशियल सूरज बना रहा है, जबकि दूसरी तरह हमारे प्रधानमंत्री छोटे-छोटे बच्चों पर एफआईआर कराने में व्यस्त हैं. दिल्ली के पूर्व सीएम ने ये बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करके कही.

चीन सूरज बना रहा, हमारे PM FIR करा रहें- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चीन कृत्रिम सूरज बना रहा है. न्यूक्लियर  फ्यजून से उसी तरह एनर्जी पैदा होगी, जैसे सूरज से होती है. एक तरफ चीन कृत्रिम सूरज बनाने की दिशा में काम कर रहा और दूसरी तरफ हमारी सरकार से सड़कें तक नहीं बन रही हैं. केजरीवाल ने कहा कि एक बारिश आते ही हमारे शहरों का बुरा हाल हो जाता है. चारों तरफ कूड़ा फैला हुआ है. क्यों? क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री एमपी और एमएलए खरीदने और बेचने में लगे हुए हैं. पार्टियां तोड़ने में लगे हुए हैं. वोट कटवाने और एड कराने में लगे हुए हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल तो प्रधानमंत्री छोटे-छोटे बच्चे, जिन बच्चों ने प्रधानमंत्री का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया. उनके खिलाफ प्रधानमंत्री एफआईआर कराने में लगे हुए हैं.

उन्होंने कहा कि आज देश को एक दूरदर्शी और बड़ी सोच वाले प्रधानमंत्री की जरूरत है.

चीन बना रहा आर्टिफिशियल सन-
चीन में वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल सन यानी कृत्रिम सूरज के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बनाया है. इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे भविष्य में फ्यूजन एनर्जी विकसित करने की दिशा में मदद मिलेगी. चीन का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट को 2030 से पूरा करना है. चीन इसे अपनी बिजली खपत को पूरा करने के लिए बना रहा है.

कृत्रिम सूरज से क्या है मतलब?
आर्टिफिशियल सन एक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर है, जो सूर्य की तरह ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया की नकल करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में ये तकनीक स्वच्छ और असीमित बिजली का बड़ा सोर्स बन सकती है.

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