15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में 'दिमागी नक्सल'शब्द का इस्तेमाल किया. इसके बाद इस शब्द को लेकर सियासी घमासान मच गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया और खुद को दिमागी नक्सल बताया. उन्होंने कहा कि मैं दिमागी नक्सल हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं, मुझे इस पर गर्व है.
दिमागी नक्सली कौन है?- केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने वीडियो शेयर करके कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन है? जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है. प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है.
पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा कि जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, जो अच्छे सरकारी स्कूल चलाता है, जो अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है, जो बिजली चाहता है, पानी चाहता है, सीवर चाहता है, ड्रेनेज चाहता है, अच्छी व्यवस्था चाहता है, भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है, वो प्रधानमंत्री के हिसाब से दिमागी नक्सली है.
वे भगत सिंह को भी दिमागी नक्सली बोलते- केजरीवाल
पूर्व सीएम ने कहा कि जो प्रधानमंत्री और बीजेपी से डरता नहीं है, जो एक विकसित भारत का सपना देखता है, वो प्रधानमंत्री के हिसाब से दिमागी नक्सली है. उन्होंने कहा कि आज अगर भक्त सिंह जिंदा होते तो पीएम मोदी भगत सिंह को भी दिमागी नक्सली बोलते. आज अगर बाबा साहेब अंबेडकर जिंदा होते, जिन्होंने सबकी बराबरी के लिए लड़ाई लड़ी थी, तो बाबा साहेब को भी प्रधानमंत्री नहीं छोड़ते. उनको भी दिमागी नक्सली बोलते.
मैं दिमागी नक्सल हूं- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को कहना चाहता हूं कि मैं अरविंद केजरीवाल आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं, क्योंकि मैं देश भक्त हूं. मुझे इस बात का गर्व है. अगर देश के खिलाफ कोई कुछ करेगा या कोई कुछ बोलेगा तो केजरीवाल अपनी पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा.
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