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गैस की होगी दिक्कत तो चूल्हे पर बनाओगी खाना? जयमाल से पहले दूल्हे के इस सवाल पर दुल्हन का अद्भुत जवाब

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक अनोखी शादी चर्चा में है. जयमाल से पहले दूल्हे ने दुल्हन के सामने शर्त रख दी. दूल्हे ने पूछा कि अगर घर में गैस की किल्लत होती है तो क्या वो चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार है? दुल्हन ने भी इसका शानदार जवाब दिया. दुल्हन ने कहा कि हम इसके लिए तैयार हैं. इतना ही नहीं, दुल्हन ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो खेतों में भी काम करने के लिए तैयार हैं.

Barabanki News
gnttv.com
  • बाराबंकी,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक शादी इन दिनों खूब चर्चा में है. भीषण गर्मी और रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच दूल्हे ने सात फेरे लेने से पहले दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. लेकिन दुल्हन ने भी समझदारी दिखाते हुए शर्त मान ली, जिसके बाद शादी की रस्में धूमधाम से पूरी हुई.

दुल्हन के सामने दूल्हे की शर्त-
मामला बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के खैरा बीरू गांव का है, जहां रहने वाले अशोक की शादी लक्ष्मी से हो रही थी. शादी की तैयारियों के बीच अशोक को घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर काटने पड़े. लंबी लाइनों और गैस की किल्लत ने दूल्हे को इतना परेशान कर दिया कि उसने शादी से पहले ही अपनी होने वाली पत्नी के सामने एक खास शर्त रख दी.

गैस की परेशानी पर चूल्हे पर बनाएंगी खाना?
जयमाल से ठीक पहले दूल्हे अशोक ने दुल्हन लक्ष्मी से पूछा कि अगर भविष्य में गैस सिलेंडर की ऐसी ही परेशानी रही, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी? यह सवाल सुनकर शादी में मौजूद लोग कुछ पल के लिए चौंक गए. दूल्हे ने कहा कि हमने ये शर्त रखी थी कि अगर भविष्य में रसोई गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी?

गजब रहा दुल्हन का जवाब-
दुल्हन लक्ष्मी ने बिना किसी हिचकिचाहट के शर्त मान ली. इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह चूल्हे के साथ खेतों में भी काम करने को तैयार हैं. दुल्हन के इस जवाब ने दूल्हे को संतुष्ट कर दिया और माहौल तालियों व मुस्कान से गूंज उठा. दुल्हन ने कहा कि हमने शर्त मान ली है. हम तैयार हैं.

दूल्हा-दुल्हन राजी तो हुई शादी-
इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल हुई और शादी की बाकी रस्में संपन्न हुईं. ग्रामीणों का कहना है कि यह शादी सिर्फ एक अनोखी घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में समझदारी, सहयोग और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का बड़ा संदेश भी देती है.

आज के दौर में जहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं, वहीं बाराबंकी के इस जोड़े ने दिखा दिया कि मजबूत रिश्ते आपसी समझ, सहयोग और साथ निभाने के जज्बे से बनते हैं.

(सैयद रेहान मुस्तफा की रिपोर्ट)

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