झारखंड में ‘सौ मर्ज की एक दवा’ बनीं कोविशील्ड...पांच साल पहले बिस्तर पर पड़े व्यक्ति को बनाया चलने-फिरने लायक...वापस लौट आई आवाज

डॉक्टरों ने गुरुवार को दावा किया कि झारखंड में एक 55 वर्षीय व्यक्ति, जो पांच साल पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद बिस्तर पर पड़ा था, ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक देने के बाद चलना और बोलना शुरू कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक बोकारो जिले के पेटरवार ब्लॉक के उत्तासरा पंचायत क्षेत्र के सलगाडीह गांव के निवासी दुलारचंद मुंडा पांच साल पहले एक दुर्घटना के बाद बिस्तर पर पड़े थे और चलने और बोलने में असमर्थ थे.

Covishield Vaccine
gnttv.com
  • बोकारो,
  • 14 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST
  • जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का हुआ है गठन  
  • ग्रामीणों के लिए यह दैवीय घटना 

झारखंड से एक अजीबो-गरीब घटना निकलकर सामने आई है. ये तो हम सभी को मालूम है कि कोविशील्ड हमारे शरीर में कोविड से लड़ने वाले एंटीबॉडी बनाता है लेकिन इसके साथ ही इस वैक्सीन ने बिस्तर पर पड़े एक व्यक्ति को न सिर्फ चलने फिरने लायक बना दिया बल्कि उनकी आवाज भी वापस ला दी. डॉक्टरों ने गुरुवार को दावा किया कि झारखंड में एक 55 वर्षीय व्यक्ति, जो पांच साल पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद बिस्तर पर पड़ा था, ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक देने के बाद चलना और बोलना शुरू कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक बोकारो जिले के पेटरवार ब्लॉक के उत्तासरा पंचायत क्षेत्र के सलगाडीह गांव के निवासी दुलारचंद मुंडा पांच साल पहले एक दुर्घटना के बाद बिस्तर पर पड़े थे और चलने और बोलने में असमर्थ थे.

जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का हुआ है गठन  

डॉ अलबेला केरकेट्टा ने कहा, "एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने 4 जनवरी को मुंडा को उनके घर पर कोविशील्ड टीका लगाया. अगले दिन, परिवार के सदस्य तब हैरान रह गए जब उन्होंने मुंडा के बेजान शरीर को न केवल हिलते देखा, बल्कि उनकी खोई हुई आवाज़ भी वापस आ गई. पेटरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी बोकारो के सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस "चमत्कारी रिकवरी" की जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया गया है. डॉक्टरों ने कहा कि मुंडा पिछले एक साल से रीढ़ की हड्डी की समस्या के कारण बिस्तर पर थे.

ग्रामीणों के लिए यह दैवीय घटना 

उन्होंने कहा कि कोविशील्ड की पहली डोज यानी एंटी-कोविड ​​​​वैक्सीन प्राप्त करने के बाद, वह न केवल खड़ा हुआ बल्कि उसने चलना भी शुरू कर दिया. यह देखकर उसके परिवार के लोग हैरान रह गए. डॉ केरकेट्टा ने कहा, "हमने उनकी रिपोर्ट देखी. यह जांच का विषय है." सड़क दुर्घटना में अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला दुलारचंद मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया था. सिविल सर्जन डॉ कुमार ने कहा, "यह एक आश्चर्यजनक घटना है. हम उनकी मेडिकल हिस्ट्री खंगालेंगे". वहीं जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सलगाडीह के हैरान ग्रामीण इसे दैवीय घटना बता रहे हैं.


 

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