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Bhadohi News: अस्पताल के बाहर रात में सड़क किनारे महिला ने दिया बच्चे को जन्म, प्रशासन पर उठे सवाल

भदोही के महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में भर्ती न किए जाने पर 20 वर्षीय गर्भवती महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया है. घटना के बाद मचे हंगामे पर सीएमओ ने प्रसूता को भर्ती कराया और 24 घंटे में जांच के आदेश दिए हैं.

सड़क पर हुआ बच्चे का जन्म
महेश जायसवाल
  • भदोही,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

भदोही जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां जिला अस्पताल के सामने सड़क किनारे एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ा. रात के समय महिला ने सड़क किनारे ही एक बच्चे को जन्म दिया. प्रसूता का आरोप है कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद उसे भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वापस लौटते समय सड़क पर ही उसका प्रसव हो गया. घटना के बाद अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया. मामला बढ़ता देख सीएमओ मौके पर पहुंचे और घर जा रही प्रसूता को बीच रास्ते से जिला अस्पताल लेकर आए. इसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है.

महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल का मामला
यह पूरा मामला ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल का है. यहां वनवासी समुदाय की 20 वर्षीय गर्भवती महिला रानी प्रसव कराने के लिए पहुंची थी. रानी के मुताबिक, वह जोरई की रहने वाली है और अस्पताल पहुंचने पर उसे बताया गया कि उसकी डिलीवरी नहीं कराई जाएगी. वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष चक ने पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्हें रात करीब 8 बजे पता चला कि गर्भवती महिला का प्रसव अस्पताल के सामने सड़क किनारे हो गया है. प्रसव के बाद महिला घर जाने के लिए निकल गई थी.

पहले मिर्जापुर किया गया था रेफर
सीएमओ के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया कि रानी सोमवार को जिला अस्पताल आई थी. जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन पांच ग्राम पाया गया था. इसी वजह से उसे मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर किया गया था. महिला मिर्जापुर गई, लेकिन वहां से वापस लौट आई. इसके बाद मंगलवार रात वह फिर ज्ञानपुर जिला अस्पताल पहुंची. इस दौरान स्टाफ नर्स और डॉक्टर ने महिला को देखा, लेकिन हीमोग्लोबिन पांच ग्राम होने के कारण उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया.

एंबुलेंस से संपर्क नहीं कर सके परिजन
डॉ. संतोष चक ने बताया कि महिला और उसके परिजन पढ़े-लिखे नहीं थे. इसी वजह से वे 102 एंबुलेंस से संपर्क नहीं कर सके और अस्पताल से वापस लौटने लगे. इसी दौरान सड़क पर ही महिला का प्रसव हो गया. उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी जिलाधिकारी को भी हुई. उनके निर्देश पर सबसे पहले महिला को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई. महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है और उसे प्लाज्मा चढ़ाया जा रहा है.

24 घंटे में पूरी होगी मामले की जांच
सीएमओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच 24 घंटे के भीतर पूरी कर ली जाएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस घटना ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली मदद को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर तब, जब गर्भवती महिला अस्पताल से लौटते समय सड़क पर ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर हो गई. फिलहाल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका उपचार चल रहा है. वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है.

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