Advertisement

Bhopal Car Rental Scam: कार किराए पर देने के नाम पर करते थे ठगी, भोपाल पुलिस ने किया महाठग गैंग का भंडाफोड़! जानिए पूरा मामला

भोपाल पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो एक मोबाइल ऐप पर कार रेंट करने के नाम पर लोगों को ठगता था. इस गिरोह के पास से तीन गाड़ियां बरामद हुई हैं, जिनमें से दो बीएमडब्ल्यू हैं. यह गिरोह कैसे काम करता था, आइए डालते हैं नजर.

gnttv.com
  • भोपाल,
  • 30 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST

भोपाल पुलिस ने सायबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह कार किराये पर देने के नाम पर लोगों को ठगते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो बीएमडब्लू कार और करीब 2.5 करोड़ रूपये का सामान बरामद किया है. डीसीपी जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया कि 'मुखबिर के ज़रिये अवधपुरी थाने पर गिरोह की सूचना मिली थी.

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोग जूम कार कंपनी के ऐप का इस्तेमाल करके लोगों को ठगते थे. इस ऐप के जरिए आप लोगों को ऑनलाइन कार किराये पर दे सकते हैं. वे लोगों को ठगने के लिए इंटरनेट से किसी भी कार की फोटो डाउनलोड करते थे. इसके बाद वे एक मोबाइल नम्बर, बैंक अकाउंट और एक फर्जी नाम भरकर उसको जूम कार वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे.

एप्लीकेशन अपलोड होते ही उसमें कार की बुकिंग तीन दिन बाद शुरु हो जाती थी. आरोपी कार की बुकिंग का स्थान मुंबई या दिल्ली बताते थे. यहां से ग्राहक को कार मिलनी होती थी. ग्राहक बुकिंग के बाद पैसा ज़ूम ऐप पर ट्रांसफर करते थे. ट्रांसफर की गई रकम का 40% रुपया जूम कंपनी खुद रख लेती थी और 60% रुपया कंपनी आरोपियों के बैंक खाते में भेज देती थी.

आरोपीगण उस पैसे को तुरंत ही निकाल लिया करते थे. जब ग्राहक मुंबई या दिल्ली में आरोपियों के बताए हुए एड्रेस पर कार लेने पहुंचता तो उसे वहां कोई नहीं मिलता. इसके बाद जब ग्राहक आरोपियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश करता. फोन आने पर आरोपी पहले दो-एक बार फोन रिसीव कर कहते थे कि आपके पास कार पहुंच रही है लेकिन बाद में मोबाईल स्विच ऑफ कर लेते.

इसके बाद ग्राहक जूम रिटेलिंग कंपनी को फोन लगाता था तो जूम कंपनी आरोपियों का फोन नम्बर बंद पाने पर उनके बैक अकाउंट, सिम कार्ड, आईडी और मोबाईल फोन सब को ब्लॉक कर देती थी. इसके बाद आरोपी भी उस मोबाईल सिम और अकाउंट को बंद कर देते थे. यह सिलसिला यूं ही चलता रहता और यह गिरोह लोगों को इसी तरह ठगता रहता था. 

पुलिस को ऐसे मिली सूचना
पुलिस को सूचना मिली की रीगल टाउन ब्लॉक नम्बर ए-ए फलैट नम्बर 301 में पांच लड़के रहते हैं जिनकी गतिविधिया संदिग्ध हैं. और वे महंगी लक्ज़री गाड़ियो में घूमते हैं. सूचना की तस्दीक के लिए थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के निर्देशन में तत्काल एक टीम गठित की गयी जिसने बताये गए पते पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया तो वहां फ्लैट के अंदर पांच युवक मिले.

पूछने पर उन्होंने बताया कि वे zoom कार कंपनी में नॉन-कमर्शियल कार किराए पर देने का काम करते हैं. पुलिस ने उससे जुड़े कागज़ और कार के बारे में जानकारी मांगी तो युवक घुमा-फिराकर बात करने लगे. शक होने पर पुलिस ने सख्ती से बात की तो युवकों ने सच उगल दिया. आरोपी युवकों ने बताया कि उनका नाम यश सलूजा, अंशुल प्रियांश, मयंक ठाकुर, अखिलेश पाण्ड़े और सहजप्रीत सिहं है.

2 बीमएमडब्लू, 2.5 करोड़ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो बीएमडब्लू कार, एक XUV 500, 48 मोबाइल फोन और टैबलेट, 37 एटीएम कार्ड, आठ पासबुक, 13 चेकबुक, 92 सिम कार्ड, एक नोट गिनने की मशीन, एक बारकोड और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार जब्त किए गए सामान की कीमत करीब 2.5 करोड़ रूपये है.


(भोपाल से रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement