मध्यप्रदेश के इंदौर में एक बेहद आश्चर्यजनक और मजेदार घटना हुई. इंदौर के विजयनगर इलाके में सुबह 4 बजे एक व्यक्ति को एक बच्चा रोते हुए मिला. व्यकित ने बच्चे की जानकारी पुलिस को दी और पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने बच्चे के बारे जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन बच्चा बेहद डरा हुआ होने के कारण कुछ बता पाने में असमर्थ था. पुलिस 5 थानों में बच्चे को लेकर गई , लेकिन कहीं से भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.
पुलिस ने खिलाया पोहा
बच्चे को लेकर पुलिस विजय नगर थाने आ गई और उसके लिए जलेबी और पोहा नाश्ते में मंगाया ताकि बच्चे से थोड़ी दोस्ती की जा सके. नाश्ते के बाद बच्चा थोड़ा सा नार्मल हुआ और उसने अपना नाम और पता बताया. मगर पता मिलने के बाद जब पुलिस ने बच्चे को उसके घर भेजने की कोशिश की तो बच्चे ने घर जाने से इनकार कर दिया. पुलिस ने किसी तरह मनाकर उसे घर भेजा.
पहले डरा, बाद में घुल मिल गया बच्चा
एसपी आशुतोष बागरी ने बताया, 'विजय नगर पुलिस को सुबह 6 बजे किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि एक बच्चा सड़क किनारे रो रहा है. सूचना मिलते ही विजय नगर थाने की पीसीआर मौके पर पहुंची और बच्चे को विजयनगर थाने लाया गया. जवानों ने उसे नाश्ता कराकर उससे दोस्ती करने की कोशिश की और उससे उसका नाम, पता पूछा. PCR जवान कस्तूर मीणा व पायलट राजा ने बताया कि जिस वक्त बच्चे को गाड़ी में बैठाया गया उस समय वो काफी डरा हुआ था. हालांकि, दोस्ती के बाद बच्चे ने अपना नाम आदि डाबोरे बताया. धीरे-धीरे वह हमारे साथ घुल-मिल गया.'
पिता के पीछे घर से निकला बच्चा
आदि के पिता गोलू डाबोरे प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं. वह सुबह नौकरी के लिए घर से निकले थे और दरवाजा खुला देखकर आदि भी पापा के पीछे-पीछे हो लिया. पिता को इसकी जानकारी नहीं थी. कुछ आगे जाकर बच्चा रास्ता भटक गया और सड़क किनारे जाकर रोने लगा. बच्चे की मां नहीं है. वह अपनी बुआ दीपा और पिता के साथ रहता है.